चीनी मीडिया पर चला मोदी का जादू, जमकर की तारीफ | Modi’s magic on Chinese Media, well Praise

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narendra modi-

एक ओर जहां देश में लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा चरम पर है। इसी बीच चीन की मीडिया ने मोदी की जमकर तारीफ की है। चीनी मीडिया ने दोनों देशों के अच्छे रिश्तों का श्री मोदी को दिया है। चीनी मीडिया ने उम्मीद जाहिर की है कि आगे कोई भी सरकार बने चीन के साथ भारत के ऐसे ही मजबूत रिश्ते बने रहेंगे। इतना ही नहीं लोकप्रियता के मामले में चीनी मीडिया ने मोदी को नेहरु से भी आगे बताया है।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में छपे संपादकीय आलेख मे कहा गया है कि ‘भारतीय जनता पार्टी को इन चुनावों में कांग्रेस से कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है। यह कहना मुश्किल है कि इस बार बीजेपी को पहले जैसा बहुमत मिलेगा या नहीं लेकिन डिप्लोमेसी के मामले में देखें तो मोदी ने पिछले साल में भारत की तरफ दुनिया का ध्यान आकर्ष‍ित कराया है।’

इतना ही नहीं इस आलेख में कहा गया है कि चीनी समाज भारत के पप्रति पहले कम रूचि रखता था लेकिन अब यहां मोदी की लोकप्रियता बहुत ज्यादा है। इसमें कहा गया है कि यहां मोदी की लोकप्रियता पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सहित किसी भी भारतीय नेता के मुकाबले ज्यादा है। तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों देशों के रिश्तों में जबरदस्त प्रगति हुई है।

इस आलेख में आगे कहा गया है कि 2014 में हुए चुनाव में चीनी मीडिया में मोदी को व्यापक कवरेज मिली थी। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने चीनी सोशल मीडिया में अकाउंट खोला और चीन के नेटिजन से सीधे जुड़ गए। यही कारण है कि चीन में उनकी लोकप्रियता बढ़ी है। चीनी मीडिया में भारत का कवरेज भी मोदी के कारण ही बढ़ा है।

गौरतलब है कि अपने पांच साल के कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी ने चीन का आधिकारिक दौरा एक ही बार किया है लेकिन कई सम्मेलनों में हिस्सा लेने के लिए वह कई बार चीन गए है। इस दौरान कई बार उनकी मुलाक़ात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई और उनके साथ अच्छे रिश्ते बनाए है।

अखबार ने कहा है कि मोदी के इन प्रयासों से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2014 के 70 अरब डॉलर के मुकाबले 2018 में बढ़कर 95.54 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इतना ही नहीं मोदी के कार्यकाल में ही अमेरिका और जापान की आपत्त‍ि के बावजूद भारत एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक में शामिल हुआ, जो चीन की पहल पर शुरू हुआ है।

चीनी मीडिया ने इसमें कुछ ऐसी बाते भी बताई है जो उसके मुताबिक़ प्रधानमंत्री मोदी ने नजरअंदाज की है। अखबार का कहना है कि भारत ने मसूद अहजर पर बैन के मामले में चीन विरोधी भावना को बढ़ने दिया जिससे दोनों देशों के रिश्तों को नुकसान हुआ। इसके साथ ही मोदी सरकार ने दलाई लामा को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित कर और उन्हें अरुणाचल प्रदेश में जाने की इजाजत देकर एक तरह से ‘तिब्बत कार्ड’ खेला है।

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