अब नहीं लगाने होंगे कार्यालयों के चक्कर, 20 अनुभागों में सायबर सेल गठित

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इंदौर पुलिस द्वारा बढ़ते हुये सायबर अपराधों एवं ऑनलाईन ठगी की वारदातों की रोकथाम करने तथा इनसे संबंधित अपराधों की विवेचना हेतु पुलिस अधीक्षक पूर्व तथा पश्चिम क्षेत्र में प्रत्येक अनुभाग स्तर पर, पृथक पृथक सायबर सेल का गठन किया गया है, जिसमें ऑनलाईन फ्रॉड की शिकायतों, सोशल मीडिया से संबंधित शिकायतों की जांच, इनसे संबंधित अपराधों की विवेचना के साथ ही संबंधित क्षेत्राधिकार में विभिन्न प्रकार के अनुसंधान हेतु विवेचकों को वांछनीय जानकारियां प्रदाय किये जाने का, जैसे पीएसटीएन, सीडीआर, आईपीडीआर, एवं विभिन्न तकनीकी जानकारियों को प्राप्त कर उनका विश्लेषण किये जाने संबंधी कार्य किया जायेगा।

इंदौर जिले में सायबर संबंधी अपराधों की शिकायत करने हेतु पीड़ितों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुये, तथा दिन प्रतिदिन बढ़ रहे सायबर अपराधों पर अंकुश पाने तथा घटित अपराधों पर कार्यवाही करने के लिये प्रत्येक अपुअ स्तर के अधिकारी से लेकर, नपुअध्उपुअध्अनु0 अधिकारी के अनुभागों में सायबर सेल का गठन किया गया है इस हेतु जिले भर में 100 से अधिक, अधिकारियोंध्कर्मचारियों को क्राईम ब्रांच इंदौर द्वारा प्रशिक्षण प्रदाय किया गया जिन्हें उपरोक्त प्रकार के कार्यां को करने हेतु विभिन्न अनुभागों में तैनात किया गया है।

क्राईम ब्रांच इंदौर के अलावा अब अन्य 20 जगहों (अपुअध्नपुअ स्तरीय कार्यालयों) से सायबर अपराधों की जांच व विवचेना की कार्यवाही संभव हो सकेगी। इसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमति रूचिवर्धन मिश्र द्वारा आदेश जारी करते हुये समय समय पर जारी की गई एसओपी का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कर, उपरोक्तानुसार कार्यवाही करने के लिये अधिकारियोंध्कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है ।

आधुनिक युग में सायबर अपराध जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म- फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सऐप, यूट्यूब, स्काईप, ईमेल से संबंधित समस्त प्रकार के अपराध, आनलाईन फ्रॉड, पोर्नाग्राफी, आदि का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है जिससे निपटना पुलिस के लिये एक बड़ी चुनौती है इसी को ध्यान में रखते हुये इंदौर पुलिस द्वारा सायबर सेल गठन किये जाने का निर्णय लिया गया जहा पर सोशल साईट्स जैसे फेसबुक, टट्वीटर, इन्स्टाग्राम, व्हाट्सऐप, आदि के माध्यम से घटित होने वाले विभन्न अपराधों, पीएसटीएनध्टॉवर डम्प, सीडीआर एनालिसिस, जीपीआरएस सीडीआर, आईपीडीआर, ओटीपी फ्रॉड, विभिन्न प्रकार से होने वाले आनलाईन फ्रॉड जैसे मेट्रोमानियल बेवसाईट्स, लॉटरी के नाम पर फ्रॉड, टॉवर लगवाने के नाम पर फ्रॉड, ओएलएक्स पर खरीददारी के साथ ही कमर्शियल बेवसाईट्स के माध्यम से होने वाले फ्रॉड, विभन्न ऑनलाईन ट्रांजेक्शन वैलेट्स आदि के साथ ही ई बैंकिग तथा प्लास्टिक कार्ड के माध्यम से होने वाले फ्रॉड्स की शिकायतों की जांचध्विवेचना की कार्यवाही की जायेगी।

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