कभी सोचा नहीं था मुझे मेरे दोस्त अरुण को श्रद्धांजलि देने के लिए आना पड़ेगा : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि कभी सोचा नहीं था कि कभी ऐसा भी दिन आएगा कि मुझे मेरे दोस्त को श्रद्धांजलि देने के लिए आना पड़ेगा। इतने लंबे कालखंड तक अभिन्न मित्रता और फिर भी मैं उनके अंतिम दर्शन नहीं कर पाया, मेरे मन में इसका बोझ हमेशा बना रहेगा।

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नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में मंगलवार को पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस सभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद थे।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कभी सोचा नहीं था कि कभी ऐसा भी दिन आएगा कि मुझे मेरे दोस्त को श्रद्धांजलि देने के लिए आना पड़ेगा। इतने लंबे कालखंड तक अभिन्न मित्रता और फिर भी मैं उनके अंतिम दर्शन नहीं कर पाया, मेरे मन में इसका बोझ हमेशा बना रहेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले दिनों अरुण जी के लिए जो लिखा गया है, उनके लिए जो कहा गया है और अभी भी अनेक महानुभावों ने जिस प्रकार से अपनी स्मृतियों को यहां ताजा किया है इस सबसे अनुभव कर सकते हैं कि उनका व्यक्तित्व कितना विशाल था, कितनी विविधताओं से भरा हुआ था। वे लंबे समय तक बीमार थे, लेकिन आखरी दिन तक अगर उनसे सामने से पूछा जाए तो भी, वे अपनी बात बताने में या अपने स्वास्थ्य के बारे में बताने में समय खर्च नहीं करते थे। उनका मन-मतिष्क हमेशा देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए रम गया था। यही उनकी ऊर्जा, उनका सामर्थ्य था।

पीएम ने कहा, अरुण जी का जीवन इतनी विविधताओं से भरा हुआ था कि दुनिया की किसी भी स्ंजमेज चीज की बात निकालिये, वो उसका पूरा कच्चा चिट्ठा खोल देते थे, उनके पास जानकारियों का भंडार था। छात्र राजनीति की नर्सरी में पैदा हुआ पौधा हिंदुस्तान की राजनीति के विशाल फलक में एक वट वृक्ष बनकर उभर आए ये अपने आप में बहुत बड़ी बात हम सबने कुछ न कुछ खोया है, अरुण जी की उत्तम स्मृतियों से प्रेरणा लेते हुए हम सभी कुछ न कुछ देश और समाज के लिए करने के एक भी अवसर को नहीं जाने देंगे।

प्रधानमंत्री बोले, अरुण जी ने अपनी प्रतिभा का उपयोग देश के लिए व समाज की समस्याओं को सुलझाने के लिए किया। हमें इससे प्रेरणा लेते हुए, कुछ न कुछ देश के लिए करके अरुण जी को उत्तम श्रद्धांजलि देनी चाहिए। मैं आज अपने दोस्त को आदरपूर्वक अंजलि दे रहा हूं, ऐसे पल किसी की जिंदगी में नहीं आने चाहिए।