भारत तिब्बत समन्वय संघ की राष्ट्रीय चिंतन बैठक इंदौर में प्रारंभ

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स्थानीय श्रीजी वाटिका इंदौर में भारत तिब्बत समन्वय संघ की दो दिवसीय चिंतन बैठक का शुभारंभ इंदौर के सांसद शंकर लालवानी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय संघ चालक डॉक्टर मुकेश मोर जी के मुख्य आतिथ्य मे आयोजित हुई।

इस अवसर पर लोक माता देवी अहिल्याबाई होलकर की 13वीं पीढ़ी के वंशज उदय सिंह राजे होलकर, भारत तिब्बत समन्वय संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रकाश रत्नपारखी राष्ट्रीय महामंत्री राजू मालवीय प्रांत अध्यक्ष शिवेंद्र तिवारी महामंत्री निर्माण सोलंकी मंत्री देवेंद्र सोनोने क्षेत्रीय अध्यक्ष भागीरथ कुमावत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी कुक्रेती शिवालय संरक्षण समिति के संत एवं राष्ट्रीय प्रभारी मा हंस महाराज जिला अध्यक्ष प्रिंस पाल इस अवसर पर मंच पर उपस्थित है।

प्रारंभ में दीप प्रज्वलन के बाद के अध्यक्ष शिवेंद्र तिवारी स्वागत भाषण देते हुए सभी देश भर के 28 प्रति से आए हुए पदाधिकारी बंधु भगिनियों का आत्मिक स्वागत किया साथ ही सांसद लालवानी एवं डॉक्टर मुकेश मोड की द्वारा पुष्प वर्षा कर सभी आंगन तू कोका स्वागत किया। भारत तिब्बत समन्वय संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रकाश रत्नपारखी ने संघ के उद्देश्य बताते हुए पुण्य भूमि कैलाश मानसरोवर की पूर्ण मुक्ति एवं तिब्बत देश की स्वतंत्रता पर प्रकाश डाला। महामंत्री ने संकल्प पत्र का वाचन किया और आए हुए सभी कार्यकर्ताओं को इस संकल्प को देश भर में घर-घर तक पहुंचाने का आग्रह किया। संत महाहंस महाराज ने कहा देश भर के प्रत्येक देवालय में शिवालय है।

हमारा यह दायित्व है कि हम प्रत्येक शिवालय की सुरक्षा करें और उसकी पवित्रता को कायम रखें प्रथम सत्र के अंत में आभार प्रदर्शन महानगर अध्यक्ष प्रिंसिपल द्वारा किया गया भोजन उपरांत प्रारंभ दूसरे सत्र के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य हुकुमचंद सावला द्वारा समान नागरिक संहिता विषय पर गर्वित और ओजस्वी वक्तव्य दिया और कहा, हमारे धर्म देश और हिंदू समाज की जागरूकता ही कैलाश मानसरोवर और तिब्बत देश की स्वतंत्रता के लिए बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि श्री कृष्णा भगवान ने भी कहा है, कि कल युग में संघ शक्ति ही हमारे उत्थान के लिए उपयोगी होगी दूसरे सत्र उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल ने भी संबोधित किया तथा अपनी ओर से भगवान महाकाल के चित्र सभी देश भर से आए हुए कार्यकर्ताओं को भेट स्वरूप दिए और सभी को महाकाल के दर्शन हेतु उज्जैन आने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर आभार भारत तिब्बत समन्वय संघ की बहन आरती जायसवाल द्वारा किया गया।