महज 16 साल में निशानेबाजी में कमाया नाम, दादा-पापा से मिली हिम्मत

भारतीय खेल प्रेमी अब शयद ही हो जो मनु भाकर का नाम नहीं जनता हो और उनके नाम से वाकिफ ना हो। दरअसल, बहुत ही काम उम्र में इन्होंने पूरी दुनिया में बड़ी तेजी से अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। निशानेबाजी से लोहा मनवाने वाली मनु अब पूरी दुनिया में जानी जाती है।

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नई दिल्ली : नई दिल्ली। महज 16 साल की उम्र में निशानबाजी में गोल्ड मेडल जीतने वाली मनु भाकर आज यानी 18 फरवरी को 18 वर्ष की हो गई है। आज वे अपना 18वां बर्थडे सेलिबे्रट कर रही है। मनु भाकर ने कम उम्र में खेल जगत में नाम कमाकर सबको हैरत में डाल दिया था। उनका कहना है कि निशानेबाजी में कमाल करने की प्रेरणा उन्हें अपने दादाजी से मिली थी।

बता दे, हरियाणा के झज्जर जिले गांव गोरिया में जन्मी मनु आज 18 साल की हो गई है। दरअसल, आज मनु का जन्मदिन है। इस अवसर पर आज हम आपको उनके बारे में बताने जा रहे हैं। मनु के पिता राम किशन भाकर मर्चेंट नेवी में चीफ इंजीनियर के तौर पर कार्यरत हैं, लेकिन निशानेबाजी की प्रेरणा उन्हें अपने दादा राजकिरण साहेब से मिली। जो की भारतीय सेना में जाट रेजिमेंट तीन के सैनिक रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, निशानेबाजी में धूम मचने वाली मनु 2018 में ही सुर्ख़ियों में छा गई थी। इन्होने मैक्सिको में हुए इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन वर्ल्ड कप महिलाओं के 10 मीटर पिस्टल वर्ग में गोल्ड मेडल जीता और मैक्सिकों की ही दो बार की चैम्पियन एलेजेंड्रा जवाला को मात दी। निशानबाजी करने वाली भारत की पहली युवा जिसने 16 की उम्र में गोल्ड मेडल जीत लिया। दरअसल, इन्होने 10 मीटर पिस्टल मिक्सड टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता था।

इसके बाद भी उन्होंने अपने कदम आगे बढ़ाए और अप्रैल में राष्ट्रमंडल खेलों में भी अपनी सफलता जारी रखी। इसमें भी मनु ने एक गोल्ड मैडल जीता। साथ ही नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी बनाया था। मनु केवल शूटिंग ही नहीं अन्य खेलों का भी हिस्सा रह चुकी हैं। बता दे, मनु ने मणिपुरी मार्शल आर्ट्स, बॉक्सिंग, टेनिस, स्केटिंग में महारतर हासिलकर राष्ट्रीय स्तर पर भी इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और मेडल भी हासिल किया है।