अपने हीं ‘चक्रव्यूह’ में फंसी शिवसेना, अब NCP ने दोहराया 50-50 फाॅर्मूला!

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मुबंई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर पेंच फंसता जा रहा है। भाजपा द्वारा सरकार गठन से हाथ पीछे खिंचे जाने के बाद शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने की कवायद में जुटी हुई है।

इसी बीच खबरें हैं कि कांगेेस का मानना है कि देरी उनकी तरफ नहीं होकर एनसीपी की तरफ से हो रही है। शरद पवार चाहते हैं कि शिवसेना और एनसीपी के बीच भी 50-50 का फाॅर्मूला तय हो, यानी दोनों पार्टियों का ढाई-ढाई साल का सीएम बने।

गौरतलब है कि शिवसेना भाजपा से 50-50 फाॅर्मूले को लेकर ही बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़ा था और एनसीपी-कां्रगेस से समर्थन मांगा था। लेकिन अब वह उसी के उसी के फेर में अब वह फंसती नजर आ रही है।

एनसीपी ने लगाया देरी का आरोप

गौरतलब है कि मंगलवार को एनसीपी के वरिष्ठ अजित पवार ने कहा है कि एनसीपी देरी नहीं कर रही है। कांग्रेस दो दिन का समय मांग रही है। कांग्रेस ने भ्रम की स्थिति उत्पन्न कर दी है। गवर्नर ने सरकार गठन के लिए बीजेपी, शिवसेना के बाद मंगलवार शाम साढ़े आठ बजे तक का वक्त एनसीपी को दिया है, लेकिन बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर सूत्रों के मुताबिक ऐसा लगता है कि एनसीपी को सरकार गठन संबंधी दावे के लिए कांग्रेस का समर्थन पत्र मिलना मुश्किल है।

इस कारण यदि कांग्रेस से समर्थन पत्र नहीं मिलता है, तो एनसीपी सूत्रों के मुताबिक पार्टी सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी। बताया जा रहा है कि एनसीपी का वक्त खत्म होने के बाद राज्यपाल कांग्रेस को मौका दे सकते हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करेगी। इन वजहों से बदलते घटनाक्रम को देखकर लगता है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने के आसार बन रहे हैं।

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