नशामुक्ति के क्षेत्र में मप्र का प्रदर्शन रहा सर्वश्रेष्ठ, शिवराज सरकार कर सकती है शराब नीति में परिवर्तन

देश के 272 जिलों में भारत सरकार ने साल 2020-21 में “अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस” के अवसर पर नशामुक्ति अभियान की शुरु किया गया था।

देश के 272 जिलों में भारत सरकार ने साल 2020-21 में “अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ सेवन और तस्करी निरोध दिवस” के अवसर पर नशामुक्ति अभियान की शुरु किया गया था। इन सभी जिलों में नशे को जड़ से मिटाने का संकल्प लेकर और लोगों में जागरूकता पैदा की थी। जिसमें मध्यप्रदेश को भी शामिल किया था। इस मुहीम में मप्र सरकार और लोगों का प्रदर्शन अच्छा होने पर, राज्य को सर्वश्रेष्ठ की श्रेणी में चुन लिया गया है।

भारत में शराब हो या फिर कोई और नशा साल दर साल बढ़ते जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार और राज्य सरकार के द्वारा कई मुहीम चलाई जाती है। इसमें लोगों और छोटे बच्चों को नशे के बारे में जागरूक किया जाता है। शराब हो या कोई दूसरा नशा हो, मनुष्य को बर्बाद करने का कार्य करता है।

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इसलिए जरूरी है कि नशे के खिलाफ सरकार ही नहीं बल्कि समाज भी मिलकर अभियान चलाए। प्रदेश में ये अभियान प्रारंभ हुआ है। हमारा सदैव से ये प्रयास है कि जागरुकता पैदा करा हम प्रदेश को नशे से दूर ले जाए। भारत शासन द्वारा नशामुक्ति के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाले राज्य के रूप में चुने लिया गया है।

सीएम शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश की जनता को बधाई दी और कहा कि, इस जन-जागरुकता को हमें बहुत आगे तक लेकर जाने की आवश्यकता है। इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार दो स्तरों पर काम करेगी। पहला जनजागरण पैदा कर नशे से लोगों को दूर करें। दूसरे हम अपनी शराब नीति ऐसी बनाएंगे कि लोग इससे लोग दूर हो सकें। भारत सरकार की नशा मुक्ति को लेकर जो हमसे अपेक्षा है उस दिशा में हम लगातार प्रयास कर रहे है।

गौरतलब है कि, हाल ही में ‘सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय’ द्वारा ‘नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर देश के 272 ज़िलों के लिये एक नशीली दवा-रोधी कार्य योजना/’नशा मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत की गई है।