मध्य प्रदेश (MP) के मौसम (Weather) में परिवर्तन साफ़ नजर आने लगा है। मानसून और बारिश की प्रदेश से जहां विदाई हो चुकी है, एक बार फिर बारिश की संभावना जताई जा रही है। वहीं प्रदेश के मौसम में अब हल्की गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो चूका है। एक तरफ जहाँ प्रदेश के विभिन्न जिलों में रात का पारा लुढ़कने लगा है, वहीं सुबह और शाम को भी अब ठंडक का दौर शुरू हो चूका है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में रात के समय न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक गिर चूका है, जो कि प्रदेश के मौसम में अच्छी ठंड की शुरुआत मानी जा रही है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज मध्य प्रदेश कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है।

चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव

मौसम विभाग की माने तो गुरुवार को पर्वतीय राज्यों में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण पूर्वी सहित दक्षिण पश्चिम भारत में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड का अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण पूर्व और उत्तरी केरल कर्नाटक सहित मध्य अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र निर्मित हुआ है। भारतीय तट के दूर पश्चिम उत्तर पश्चिम में यह तेजी से आगे बढ़ जाए। इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई है। जिसके कारण से महाराष्ट्र तमिलनाडु केरल कर्नाटक रायलसीमा में बारिश देखने को मिलेगी। 21 दिसम्बर से एक बार फिर से केरल में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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बारिश और ओले भी गिर सकते हैं

दिसंबर में मैंडूस के कारण बारिश तो हुई है, लेकिन इस बार ज्यादा बारिश नहीं हुई। मैंडूस के अलावा भी अभी कोई ऐसी स्थिति नहीं बन रही है, जिससे दिसंबर में बारिश के आसार बनें। हालांकि, 21 दिसंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश के आसार बन रहे हैं, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की बूंदबांदी हो सकती है। बादल छाने से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा जनवरी में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बारिश के दिनों में वृद्धि हो सकती है। बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं। यह दो से तीन दिन तक लगातार भी हो सकती है। फरवरी में बहुत ज्यादा बारिश की संभावना नहीं है।

इस कारण ठंड में बारिश होती है

सर्दियों में बारिश होने के पीछे की बड़ी वजह पाकिस्तान से आने वाली हवाएं (वेर्स्टन डिर्स्टबेर्न्स) है। उत्तरी और समुद्र से आने हवाओं के टकराने के कारण बारिश की स्थिति बनती है। इससे तेज हवाओं के साथ बारिश और ओला पड़ता है। इससे दिन में शीतलहर का प्रकोप बढ़ जाता है।

22 को मौसम में फिर बदलाव होगा

18-19 दिसंबर के बाद फिर भी मौसम बदला होगा। कुछ इलाकों में बूंदांबादी हो सकती है। इससे एक बार फिर से तापमान में बढ़ोतरी होगी। हालांकि अब ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होंगे। दिसंबर के अंत तक अच्छी ठंड का एहसास होने लगेगा।