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राम जन्मभूमि के लिए हुई 78 लड़ाईयां, 1990 में हुई पहली कारसेवा

प्रभु श्री राम मन्दिर निर्माण ऐतिहासिक दिवस के पूर्व संध्या पर मित्र मेला वेलफेयर सोसाइटी द्वारा “श्री राम मंदिर निर्माण से राष्ट्र निर्माण” विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित की गई। जिसमें वक्ता के रूप में राम जन्मभूमि आंदोलन के सक्रिय कारसेवक और विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुकुमचंद सावला ने अपनी ओजस्विता के साथ जन्मभूमि आंदोलन के अनुभव को साझा किया और बताया कि श्री राम जन्म भूमि की लड़ाई 1528 से प्रारंभ हुई और कुल 78 लड़ाई हुई जिसमें भारतवर्ष के हर आयु वर्ग ने अपने प्राणों की आहुति दी उसकी संख्या लाखों में थी और सावला जी ने बताया किअशोक जी सिंघल के आव्हान पर श्री राम जय राम जय जय राम का संपूर्ण भारत वर्ष में जप किया गया और इस जय घोष से सम्पूर्ण भारवर्ष में रामजन्मभूमी आंदोलन में नई ऊर्जा और चेतना का संचार हुआ।

पहली कारसेवा 30 अक्टूबर 1990 में हुई। जिस संघर्ष के परिणाम स्वरूप ऐतिहासिक अवसर हमें प्राप्त हुआ और उन्होंने अंत में जन्मभूमि आंदोलन के समस्त बलिदानों को प्रणाम किया जिनके द्वारा प्रभु श्री राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

कार्यक्रम की प्रस्तावना उच्च न्यायालय अधिवक्ता राजवर्धन गावड़े ने रखी संचालन कुणाल भवर ने किया और आभार प्रकट देवराज जी परमार ने किया कार्यक्रम की संपूर्ण जानकारी मित्र मेला के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवीण चौरे ने दी।