भविष्य की जल संबंधी आवश्यकताओं को लेकर की गई बैठक, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

कार्ययोजना के निर्धारण तथा जल संबंधित समस्याओं के निराकरण के संबंध में चर्चा के लिये आज यहाँ जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के निर्देश पर बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक श्रोत्रिय सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

इंदौर। नगर निगम इंदौर सहित पूरे जिले में भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए भू-जल स्तर में वृद्धि, जल संरक्षण और स्वच्छ जल की उपलब्धता के लिये कार्य व्यापक स्तर पर कराये जाएंगे। इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार होगी। कार्ययोजना के निर्धारण तथा जल संबंधित समस्याओं के निराकरण के संबंध में चर्चा के लिये आज यहाँ जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट के निर्देश पर बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक श्रोत्रिय सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। मंत्री प्रतिनिधि के रूप में अशोक गोयल तथा समाजसेवी किशोर कोडवानी भी विशेष रूप से इस बैठक में शामिल हुए।

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उल्लेखनीय है कि जल संसाधन मंत्री सिलावट ने जल से संबंधित समस्याओं को दूर करने के संबंध में चर्चा के लिये बैठक आयोजित करने के निर्देश दिये थे। बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इंदौर जिले में जल संबंधी समस्याओं के निराकरण, जल संरक्षण और संवर्धन, भू-जल स्तर में वृद्धि तथा स्वच्छ जल की उपलब्धता के लिये गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। बैठक में निर्देश दिये गये कि जल का समुचित उपयोग हो। शहर को स्वच्छ जल मिले। जल की योजना में आबंटित राशि मिले। भविष्य की जनसंख्या को देखते हुए भू-जल स्तर में वृद्धि की जाये। पानी के दुरुपयोग को रोका जाये। बताया गया कि शहर के छोटे-बड़े तालाबों को चिन्हित कर उनके गहरीकरण करने के लिए टीम बनाई गई है। वार्ड में आवश्यकता अनुसार सप्लाई के सर्वे कराये जाएंगे। वाटर लाईन में सुधार एवं पानी की गुणवत्ता को जांचने के निर्देश भी दिये गये। बैठक में मंत्री प्रतिनिधि अशोक गोयल ने मंत्री तुलसीराम सिलावट की तरफ से सबको धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री सिलावट की मंशा है कि शहर के हित में व्यापक जल प्रबंधन हो और अन्य कार्य, जो जरूरी हो, उसे करवाये जायें। राज्य शासन जल संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये संवेदनशील होकर प्राथमिकता से कार्य कर रही है।