Mahashivratri 2023 : महाशिवरात्रि (Mahashivratri) पर्व ऐसा है जिसकी धूम हर जगह देखने को मिलती है। इस दिन शिव और माता पार्वती के विवाह का उत्सव मनाया जाता है। यह पर्व हम बड़ी ही धूमधाम से मनाते है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार इस दिन का काफी विशेष महत्व होता है। इस बार महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2022) का पर्व 18 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव (Shiv) और देवी पार्वती का मिलन हुआ था। जिसके चलते इस दिन को और भी ज्यादा उत्साह के साथ मनाया जाता है। लोगों में इस दिन को लेकर काफी चमक दिखती है।

शिवरात्रि से पहले ही मंदिरो को सजाने की तैयारियां शुरू कर दी जाती है। वहीं इस दिन कई मंदिरो में भक्त शिव जी का श्रृंगार कर यानि चोला चढ़ाकर उनकी भक्ति करते है। साथ ही पूजा अर्चना कर भगवान को अपने तनमन से मनाते है। वैसे तो भोलेनाथ बहुत ही भोले है साथ ही भोलेभंडारी है। उनकी पूजा मात्र से ही या फिर एक कलश जल चढ़ाने से ही वह भक्तों पर प्रसंन हो जाते है और सभी की मनोकामनां पूरी कर देते है।

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महाशिवरात्रि 2023 तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की चतुर्दशी तिथि 17 फरवरी की रात 8 बजकर 02 मिनट से शुरू होगी और 18 फरवरी की शाम 4 बजकर 18 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 18 फरवरी 2023, शनिवार को मनाया जाएगा।

महाशिवरात्रि की पूजा विधि

  • महाशिवरात्रि पर पूजा करने के लिए सबसे पहले भगवान शंकर को पंचामृत से स्नान कराएं।
  • साथ ही केसर के 8 लोटे जल चढ़ाएं और पूरी रात्रि का दीपक जलाएं। इसके अलावा चंदन का तिलक लगाएं।
  • बेलपत्र, भांग, धतूरा भोलेनाथ का सबसे पसंदीदा चढ़ावा है।
  • इसलिए तीन बेलपत्र, भांग, धतूरा, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं।
  • सबसे बाद में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर सबको प्रसाद बांटें।