यह मानकर चलें की कोरोना की तीसरी लहर पूरी तरह से आ गई है

कलेक्टर आशीष सिंह ने बृहस्पति भवन के सभाकक्ष में इंसीडेंट कमांडर्स के साथ कोविड संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की।

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उज्जैन : कलेक्टर आशीष सिंह ने बृहस्पति भवन के सभाकक्ष में इंसीडेंट कमांडर्स के साथ कोविड संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न अनुभागों के एसडीएम वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को निर्देश दिये कि उनके अनुविभाग में व्यक्ति को कोरोना से मिलते-जुलते जरा से भी लक्षण दिखाई दें तो तुरन्त टेस्टिंग करवायें। एसडीएम आरआरटी सिस्टम दुरूस्त करें।

यह मानकर चलें कि कोरोना की तीसरी लहर पूरी तरह से आ गई है। जैसे ही कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों की सूची प्राप्त हो, आरआरटी तत्काल निकल जाये। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि समस्त एसडीएम उनके अधिकार क्षेत्र में कितने लोग अस्पताल में भर्ती हैं तथा कितने लोग होम आइसोलेशन में हैं, यह सुनिश्चित करें। तहसील स्तर पर बिल्डिंग, सामुदायिक भवन आदि को चिन्हित कर वहां कोविड केयर सेन्टर (सीसीसी) बनायें।

सीसीसी में मेडिकल स्टाफ की राउण्ड द क्लॉक ड्यूटी लगाई जाये। दवाईयों के किट पर्याप्त मात्रा में रखें। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सेनीटाइजेशन का विशेष ध्यान रखा जाये। जो लोग घर के बाहर बिना मास्क के निकल रहे हैं, उन पर सख्ती से स्पॉट फाइन लगाया जाये, ताकि आमजन में जागरूकता फैले और वे मास्क को गंभीरता से लें। अपने-अपने क्षेत्रों में आमजन घर से बाहर निकलते समय शत-प्रतिशत मास्क पहनकर ही निकलें, यह सुनिश्चित करें।

होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज के घर को कंटेनमेंट क्षेत्र बनायें और उनके घर के बाहर पोस्ट लगवाये जायें। संक्रमित मरीज और उसके परिवारजनों को घर से बाहर सात दिनों तक न निकलने दें।कलेक्टर ने बैठक में कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों का बहुत महत्व होता है। इस प्रकार के प्रयास करके ही कोरोना संक्रमण को काफी हद तक रोका जा सकता है।