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किदांबी श्रीकांत बने विश्व स्पर्धा फाइनल खेलने वाले पहले भारतीय खिलाडी, लक्ष्य सेन ने हासिल किया तीसरा स्थान

28वर्षीय किदांबी श्रीकांत के अनुभव और 20वर्षीय लक्ष्य सेन के युवा खून के संगम ने 26वीं विश्व बैडमिंटन स्पर्धा के सेमीफाइनल में ऐसा समां बांध जो शानदार खेल की दावत दी हमेशा याद रहेगी

28वर्षीय किदांबी श्रीकांत के अनुभव और 20वर्षीय लक्ष्य सेन के युवा खून के संगम ने 26वीं विश्व बैडमिंटन स्पर्धा के सेमीफाइनल में ऐसा समां बांध जो शानदार खेल की दावत दी हमेशा याद रहेगी, स्पेन के हुएल्वा में कारोलिना मारिन स्टेडियम में एक घंटे 9 मिनट के जोरदार मंथन से आंध्र के रावलपलेम का श्रीकांत ऐसा निखरा कि 17-21,21-14,21-17 से जीतकर विश्व बैडमिंटन स्पर्धा में भारत से फाइनल खेलने वाला पहला पुरुष खिलाड़ी बन गया ,

पहली बार भारत के दो पुरुष खिलाड़ी सेमीफाइनल खेले और विश्व स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहली बार भारतीय खिलाड़ी आपस में टकराए, पहली आपसी भिड़ंत में लक्ष्य सेन ने पहले गेम में 8मिनट में 11-8 फिर की बढ़त ले ली,फिर श्रीकांत ने 10-11स्कोर किया, लक्ष्य ने 15-11की बढ़त ली तो श्रीकांत ने 16-16की बराबरी कर 17-16की बढ़त बनाई, लक्ष्य ने लगातार बेहतर स्ट्रोक सहारे 18मिनट में यह गेम जीत लिया, दूसरे गेम में कभी श्रीकांत तो कभी लक्ष्य आगे रहे,

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1,2पर बराबरी के बाद लक्ष्य ने 4-2,8-4 और 9-7 बढ़त बनाई की, श्रीकांत ने 9-9 किया और 12-9और 13-10से आगे हो गए, लक्ष्य 12-14 तक पहुंचे, फिर लक्ष्य ने लगातार गलतियां कर नकारात्मक अंक दे दिए, श्रीकांत ने क्रासकोर्ट स्मैश लगाकर 21मिनट में 21-14से गेम जीतकर बराबरी की, तीसरे और निर्णायक गेम में 1-1कै बाद श्रीकांत 4-2से आगे हुए,4,6और 7 पर भी बराबरी हुई और लक्ष्य ने 9-7 बढ़त बनाई, लेकिन श्रीकांत ने 11-10 की बढ़त से साइड बदली, लक्ष्य के जम्प स्मैश से 13,15,16पर बराबरी हुई, दोनों ने एक दूसरे से झटके के साथ अंक बनाए,झटके के साथ ड्राप डाल कर श्रीकांत ने 17-16की बढ़त ली और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा, पूर्व विश्व नंबर एक श्रीकांत के स्मैश के आगे लक्ष्य ने लगातार गलतियां की और 30मिनट में गेम जीतकर इतिहास बना दिया,

12वें क्रम के श्रीकांत के खेल में 2017 झलक मिली ,जब उन्होंने 5सुपर सीरीज स्पर्धाओं के फाइनल खेलकर चार खिताब जीते थे, विश्व नंबर 14 श्रीकांत मार्च 2019के बाद पहली बार किसी स्पर्धा के फाइनल में आए हैं, तब वे योनेक्स सनराइज भारतीय खुली स्पर्धा (नईदिल्ली)का फाइनल खेलकर डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन से 7-21,20-22 से हारे थे, वे अब तक 10खिताब जीत चुके हैं, किदांबी श्रीकांत ने जीत के बाद कहा-‘मैं वास्तव में अपना श्रेष्ठ खेला, जीत से बहुत खुश हूं, मैच में कई गलतियां की जिस वजह से मुझे कड़ी चुनौती मिली, लक्ष्य भी बढ़िया खेला,अब फाइनल भी जीतना चाहूंगा’,

उत्तराखंड के पहाड़ी अल्मोड़ा के लक्ष्य को भी दाद देनी होगी जो विश्व स्पर्धा के पहले पदार्पण में ही सेमीफाइनल खेला एवं मेरे अनुमान को भी सही कर दिया, विश्व बैडमिंटन स्पर्धा में यह तीसरा मौका है जब भारत को एक स्पर्धा में दो पदक मिले रहे हैं, 1015और 2017 में साइना नेहवाल और पी.वी.सिंधु ने भारत को यह सफलता दिलाई हैं, भारतीय पुरुष खिलाड़ियों ने पहली बार ऐसा किया हैं, विश्व स्पर्धा में पहली बार भारत के तीन पुरुष खिलाड़ी सहित चार खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल खेले हैं,

लोह को फाइनल खेलने की उम्मीद नहीं थी
सिंगापुर के 24वर्षीय लोह कैन येव ने दूसरे सेमीफाइनल में उपविजेता तीसरे क्रम के डेनमार्क के एंडर्स एंटोन्सेन को 23-21,2114 से हराकर उलटफेर किया जो रात 2.16 बजे समाप्त हुआ, पहले गेम में 11-8 के बाद लोह 20-15 से आगे हुए, लेकिन एंडर्स ने 20-20 की बराबरी की, 6 गेम पाइंट बचाकर लोह ने 33मिनट में अतिरिक्त अंकों में गेम जीता, दूसरे गेम में लोह 0-2 और 3-3के बाद 11-7 से आगे हुए,17-10 सकी बढ़त के बाद 28 मिनट में जीत गए, पहले दौर में पूर्व विश्व विजेता और विश्व नंबर एक डेनमार्क के ही विक्टर एक्सेलसेन को बाहर करनेवाले लोह ने जीत के बाद लगातार खिलखिलाते हुए कहा-‘मैने नहीं सोचा था कि मैं फाइनल खेलूंगा,यह सपना था,जो सच हो गया है, मुझे विश्व स्पर्धा फाइनल खेलने वाला पहला सिंगापुरी बनने की बहुत खुशी है,अब ध्यान अगले मैच पर है’,

दूसरा मुकाबला
श्रीकांत और लोह के बीच यह दूसरा मुकाबला है,2018राष्ट्रमंडलीय खेलों के मिश्रित टीम मुकाबले में श्रीकांत ने लोह को 21-17,21-14से 8अप्रैल 2018 को हराया था, लेकिन इस समय लोह का लोहा सब पर भारी है, लोह कैन येव और लक्ष्य सेन उन तीन प्रमुख खिलाड़ियों में हैं, जिन्होने इसी साल दुबई में ओलंपिक विजेता डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन के साथ अभ्यास किया हैं

ताई त्झी यिंग और अकाने यामागुची में से कौन बनेगा पहली बार विश्व विजेता
पुरुष एकल की तरह महिला एकल में भी नया विश्व विजेता बनेगा, सेमीफाइनल में विश्व नंबर एक ताईपेई की 27वर्षीय ताई त्झी यिंग ने आठवां क्रम प्राप्त चीन की ही बिंग्जिआओ को21-17,13-21,21-14से57मिनट में हराया, ताई की ही पर 11वें मुकाबले में नवीं और लगातार तीसरी जीत हैं,

ही बिंग्जिआओ,ताई से 2018की विश्व स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में तीन गेमों में जीती थी, ही इस साल टोक्यो ओलंपिक 2020 में भी सेमीफाइनल में हारी थी, पी.वी. सिंधु ने टोक्यो में ही बिंग्जिआओ को हराकर कांस्य और दूसरा ओलंपिक पदक जीता , दूसरे क्रम की जापान की 24वर्षीय अकाने यामागुची ने पहले मुकाबले में विश्व नंबर 46चीन की झांग यि मान को 21-19,21-19 से 44मिनट में हराया, ताई और अकाने के बीच अब तक 17मैच हुए हैं,10बार ताई जीती हैं,अकाने ने 2019 की इंडोनेशिया खुली स्पर्धा के सेमीफाइनल में ताई को 21-9,21-15से हराया था,

इससे पहले ताई ने लगातार तीन मैचों में अकाने को हराया, में चारों मैच 2019में हुए,ताई ने अकाने को हराकर कर 2018और 19में आल इंग्लैंड खिताब जीता है, तीन बार आल इंग्लैंड विजेता ताई त्झी यिंग का विश्व विजेता बनना सपना है, अकाने यामागुची ने इस साल लगातार तीन फाइनल खेल कर डेनमार्क खुली और फ्रेंच खुली स्पर्धा जीती है और इंडोनेशिया मास्टर्स स्पर्धा में उपविजेता रही है, वे भी पहली बार फाइनल में है

थाई जोडी का नवां फाइनल
जापानी तीन वर्गों के फाइनल में हैं, पिछले उपविजेता थाईलैंड के डेचापोल और सप्सिरी इस साल मिश्रित युगल के नवें फाइनल में है जनवरी में बैंकाक (थाईलैंड)और नवम्बर-दिसम्बर में बाली(इंडोनेशिया)में लगातार तीन-तीन एवं हयलो खुली स्पर्धा जीती है, डेनमार्क खुली स्पर्धा के ही फाइनल में हारे हैं, थाई जोड़ी का फाइनल तीसरे क्रम के जापान के युता वातनाबे और एरिसा हिगाशिमो से है, महिला युगल में चीन और दक्षिण कोरिया एवं पुरुष युगल में जापान और चीन जोड़ी फाइनल में हैं
धर्मेश यशलहा

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