कर्नाटक : फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, फिर भी बागी बोले-ना

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DK shivkumar

बेंगलुरू। कर्नाटक के गलियारों में राजनीतिक उठापटक जारी है। रविवार को सरकार बचाने के लिए कांग्रेस-जेडीएस नेताओं की बैठकें दिनभर चली, क्योंकि सोमवार को शाम पांच बजे तक सरकार को बहुमत साबित करना है। इससे पहले कांग्रेस की तरफ से बड़ा बयान आया है। कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार का कहना है कि सरकार बचाने के लिए जेडीएस त्याग करने को तैयार है।

वह कांग्रेस की तरफ से किसी को मुख्यमंत्री बनाने को राजी है। इस बारे में हाईकमान को भी अवगत करा दिया गया है। इस बयान के बाद भी कांग्रेस बागी विधायकों ने वापसी से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं है। वह किसी भी स्थिति में अपने इस्तीफे का निर्णय बदलने वाले नहीं हैं।

इधर, कांग्रेस-जेडीएस के 15 बागी विधायकों और दो निर्दलीय विधायकों ने विधानसभा में सोमवार को शक्ति परीक्षण करने का आदेश देने की मांग करते हुए रविवार को सर्वोच्च न्यायालय में एक संयुक्त याचिका दायर की। याचिकाकर्ता विधायकों ने कोर्ट से स्पीकर केआर रमेश और मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी को सोमवार को शाम पांच बजे तक विश्वास मत का आयोजन करने का निर्देश देने की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता दिशा राय द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री या गठबंधन सरकार में सहयोगी कांग्रेस और जेडीएस कुछ और बहाना बनाकर शक्ति-परीक्षण टालने की कोशिश करेंगे। याचिका के मुताबिक मुख्यमंत्री खुद को सदन की कार्यवाही से सोमवार को अलग रख सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि वह (कुमारस्वामी) विश्वास मत को टाल सकते हैं। विश्वास मत को टालने के लिए वह अस्पताल में भर्ती समेत कोई चिकित्सा संबंधी आपात स्थिति का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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