भोपाल : प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज झाबुआ में आयोजित जनजातीय सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि शिवराज जी कैसे आप इतना झूठ बोल लेते हैं , कैसे आप इतनी झूठी घोषणाएं कर लेते हैं ,आपके झूठ और झूठी घोषणाओं से तो झूठ भी शर्मा जाता है। आप कह रहे हैं कि कांग्रेस ने आदिवासी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया।आदिवासी वर्ग इस सच्चाई को भलीभांति जानता है कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस सरकार ने जो काम आदिवासी वर्ग के लिए किया है ,वह आज तक किसी भी सरकार ने नही किया।

इंदिरा गांधी जी की सरकार ने उन्हें वन अधिकार से लेकर उनके हित व उत्थान के लिए तमाम योजनाएं बनायी ,जिसका लाभ उनको आज तक मिलता आ रहा है लेकिन यह सच है कि भाजपा की सरकारों ने सदैव आदिवासी वर्ग से उनका हक छीना है ,चाहे उनका वन अधिकार हो या जल-जंगल-जमीन पर उनका हक हो ,उसे छीनने का ,उन्हें प्रताड़ित करने का ,उनके दमन का काम सदैव भाजपा सरकारों ने ही किया है।
इसकी गवाह तो एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट है जिसमें मध्य प्रदेश आदिवासी वर्ग पर दमन व उत्पीड़न में देश में शीर्ष पर है।इस सच्चाई के सामने के आने के बाद भी पता नहीं शिवराज जी आप कैसे इतना झूठ बोल लेते हैं ? आपकी इस झूठ की अदाकारी को देखते हुए तो मैं तो शुरु से ही कहता हूं कि आपको तो फिल्मों में जाकर काम करना चाहिए ,आप अच्छे-अच्छे एक्टर को पीछे छोड़ देंगे।

नाथ ने कहा शिवराज जी आप आदिवासी वर्ग को लेकर कांग्रेस को कोस रहे हैं।जरा आप इस बात का भी जवाब दे दीजिये कि नेमावर में आदिवासी परिवार के 5 सदस्यों को 10 फीट गहरे गड्ढे में गाड़ देने की घटना के बाद क्या आप पीड़ित परिवार से आज तक मिलने गए है , आपने पीड़ित परिवार की आज तक कोई सुध ली है क्या ? आपने पीड़ित परिवार की सीबीआई जांच की मांग को आज तक माना है क्या ?
आपकी सरकार में नीमच में कन्हैया लाल भील नाम के एक आदिवासी युवक को बर्बर तरीके से पीटा गया ,पिकअप वाहन में बांधकर घसीट कर उसकी हत्या की गई , क्या आपने उसकी सीबीआई जांच की मांग को आज तक माना है क्या ? आप उस पीड़ित परिवार से मिलने गए है ?
खरगोन में किस प्रकार एक आदिवासी युवक की थाने में बुरी तरीके से पिटाई हुई ,जिसके बाद उसकी मौत हो गई।इस घटना पर भी आदिवासी वर्ग ने सड़कों पर उतर कर आंदोलन किया , सीबीआई जांच की मांग की ,आपने उनकी मांग को आज तक मंजूर किया क्या ,आप उस पीड़ित परिवार से मिलने गए क्या ?

किस प्रकार बालाघाट में एक आदिवासी छात्रा का गला रेत कर हत्या कर दी गई ,किस प्रकार डबरा में एक आदिवासी महिला को बंदूक की नोक पर पेड़ से बांधकर पीटा गया।क्या इन सब घटनाओं पर आपने कभी भी पीड़ित परिवारों से मिलने का साहस जुटाया। यह सब घटनाएँ किसकी सरकार में हुई , ज़रा इसका भी जवाब दे। बात करें नेमावर की घटना ,नीमच की घटना इसके आरोपी कौन है ,उन्हें कौन से राजनीतिक दल का समर्थन है ,जरा आप यह भी बता दीजिए उन आरोपियों के फोटो आपकी पार्टी के नेताओं के साथ खुलेआम होल्डिंग पोस्टों पर नज़र आते थे कि नही ,जरा इस पर भी आप जवाब दे दीजिए।

शिवराज जी आप तो वो है जिसने विश्व आदिवासी दिवस का अवकाश तक निरस्त कर दिया।हमारी सरकार में हमने इस दिवस पर अवकाश घोषित किया था और 89 विकास खंडों में इस दिवस को मनाने के लिए 1-1 लाख की राशि दी थी।आपने तो वह राशि भी छीन ली।
आज आप किस मुँह से आदिवासी वर्ग के हितैषी होने का ढोंग कर रहे है।आप बात कर रहे हैं स्कूल-कालेज की ,अरे आप की सरकार में आदिवासी 3 लाख 47 हज़ार आदिवासी विद्यार्थियों की 75 करोड़ की छात्रवृत्ति पिछले एक साल से रुकी हुई है ,उसके लिए विद्यार्थी परेशान हो रहे हैं ,उसको लेकर तो आपने कोई कदम नहीं उठाए और आप किस मुंह से आज बड़ी-बड़ी घोषणाएं और बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं ?शिवराज जी हमने आदिवासी वर्ग के हित के लिए 15 माह की सरकार में वह काम किए जो इतिहास में दर्ज है।हमने कोई चुनाव को देखते हुए इस वर्ग की भलाई के लिए कोई काम नहीं किए।कांग्रेस तो शुरू से ही आदिवासी वर्ग की हितेषी पार्टी रही है ,इसलिए हमने इस वर्ग ke उत्थान व हित के लिए काम किए हैं।

आप जो आज यह झूठी घोषणाएं व झूठी नौटंकी कर रहे हैं ,यह सब सिर्फ प्रदेश में होने वाले उपचुनावो को देखते हुए कर रहे हैं।
आपकी यह घोषणाए सिर्फ चुनाव तक ही सीमित है ,चुनाव के बाद तो यह घोषणाए तो आपको खुद को भी याद नहीं रहेगी क्योंकि ऐसी 21 हज़ार से अधिक घोषणाएं जो आपने पिछले 15 वर्ष में की है , जो आज तक पूरी नहीं हुई है। ऐसी चुनावी घोषणाए तो आप हर चुनाव में करते हैं ,मतदाताओं को गुमराह करने के लिए इस तरह की झूठी घोषणाए करना आपकी आदत में शुमार है।यह सच्चाई आदिवासी वर्ग भी जानता है ।

यदि आपकी सरकार आदिवासी वर्ग की हितैषी होती तो आज आपको इस तरह के झूठ बोलने की ,इस तरह की झूठी घोषणाओं करने की और इस तरह की झूठी नौटंकियाँ करने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। नाथ ने कहा कि शिवराज जी ना हमने कभी संबल योजना बंद करी ,ना हमने किसी भी जनहितैषी योजना को बंद किया ,आप भले जितना झूठ परोस ले , सच्चाई को प्रदेश की जनता जानती है। हम हमारे वचन पत्र के मुताबिक आदिवासी वर्ग की भलाई के लिए निरंतर काम कर रहे थे लेकिन आपकी पार्टी को यह सहन नहीं हुआ इसलिए माफियाओं के साथ मिलकर सौदेबाजी व बोली से हमारी सरकार गिरा दी क्योंकि आप नहीं चाहते थे कि हमारी सरकार आदिवासी वर्ग ,पिछड़ा वर्ग ,गरीब वर्ग का भला कर सके , इस प्रदेश का भला कर सके , उसे विकास के पथ पर आगे ले जा सके।