इंदौर(Indore) : पिछले विधानसभा चुनाव में 103 सीटों पर मिली हार को कवर करने, निगम चुनाव में नाराज कार्यकर्ताओं को खुश करने तथा निगम मंडलों में खाली पड़े पदों पर नई नियुक्तियां करने के लिए भाजपा ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है। आगामी दिनों में होने वाला मंथन इन्ही विषयों पर होगा। इससे साफ लगने लगा है कि सरकार और संगठन अब पूरी तरह से इलेक्शन मूड में आ गई है। मंडलों में नई नियुक्तियों को लेकर नेताओं में अभी से होड़ मचना शुरू हो गया है। नाराजों को खुश करने के लिए निगम मंडलों में 1 -1 ओर उपाध्यक्ष ओर बढ़ाने के लिए पार्टी स्तर पर विचार चल रहा है।

नियुक्तियां करनासरकार और संगठन के लिए जरुरी हो गया है

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अगले साल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अपनी तैयारी शुरु कर दी है। रविवार को भोपाल में सम्पन्न हुई भाजपा कौर कमेटी की बैठक में निर्णय लिया है की निगम मंडलों में खाली राजनीतिक पदों पर जल्द ही नियुक्तियां की जाएंगी। विधानसभा चुनाव से पहले हुए नगरीय निकाय चुनाव में कार्यकतार्ओं की नाराजगी सामने आई थी। ऐसे नेताआों और कार्यकतार्ओं की नाराजगी दूर करने के लिए राजनीतिक नियुक्तियां करना सरकार और संगठन के लिए जरुरी हो गया है।

इंदौर जिले से एकमात्र नियुक्ति

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प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने भाषण में अक्सर कहते रहते है इंदौर मेरे सपनों का शहर है , इसके बावजूद भी कई मामलों में इंदौर को तब्बजो कम ही मिलती है। अब निगम मंडलों में नियुक्तियों को ही ले लीजिए। दिसम्बर 2021 में हुई नियुक्तयों इंदौर जिले से केवल एक नेता को नियुक्त किया गया है। ये नियुक्ति भी इंदौर ग्रामीण क्षेत्र सांवेर के नेता की हुई है , जबकी शहरी नेता को सीधे सीधे नजर अंदाज किया गया। इंदौर जिले से एकमात्र नियुक्ति सांवेर के सावन सोनकर की हुई जिन्हें म.प्र. राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। आईडीए में भी देवास के नेता को अध्यक्ष बनाया है। ऐसे स्थानीय नेताओं का नाराज होना स्वभाविक है।

मंडलों में एक – एक उपाध्यक्ष ओर बढ़ाया जा सकता है

वर्तमान में निगम मंडलों में एक – एक उपाध्यक्ष बनाया गया है। जानकारों ने बताया कि निगम मंडलों में 2 -2 उपाध्यक्षों को रखने का प्रावधान है। सरकार और संगठन द्वारा सभी मंडलों में 2- 2 उपाध्यक्षों को रखने पर विचार किया जा रहा है।

2018 में हारी 103 सीटों को कवर करना है

भाजपा ने फिर से सरकार बनाने के लिए अभी से रणनीति बनाना शुरू कर दी है। एकाएक राजनीतिक नियुक्तियो को लेकर कोर ग्रुप की बैठक बुलाना तथा नाराजों को मनाने के लिए जल्द से जल्द नियुक्तियां करना ये सब रणनीति का हिस्सा है। 2018 में हारी 103 सीटों को कवर करना पार्टी का मेन फोकस रहेगा। भाजपा की नजर अब इन सीटों पर है।

इन विभागों में नहीं बनाये उपाध्यक्ष

– खादी एंव ग्रामोद्योग बोर्ड, लघु उद्योग निगम
– स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेव्हलपमेंट कापोर्रेशन लिमिटेड
– ऊर्जा विकास निगम, संत रविदास हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम
– राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम
– म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना निर्माण मंडल
– मध्यप्रदेश महिला वित्त एवं विकास निगम
– मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति वित् विकास निगम
– इंदौर विकास प्राधिकरण