उत्तर प्रदेश में ईंधन संरक्षण और सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है। इसके साथ ही मंत्रियों को अपनी वाहन फ्लीट में 50 प्रतिशत तक कटौती करने का भी सुझाव दिया गया है।
गुरुवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आयोजित विस्तारित कैबिनेट की पहली बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन में मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण और अनुशासित कार्यसंस्कृति विकसित करने पर जोर दिया।
विदेश यात्रा से परहेज के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अगले छह माह तक प्रदेश सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से बचने के निर्देश भी दिए हैं। सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में संसाधनों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है।
सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल को खुद उदाहरण पेश करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से सप्ताह में एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग या साइकिल जैसी सार्वजनिक सुविधाओं का उपयोग करने का आग्रह किया, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और आम लोग भी इसके लिए प्रेरित हों।
डिजिटल और हाइब्रिड बैठकों पर जोर
सीएम योगी ने सरकारी कामकाज में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम और विधानसभा-विधान परिषद की स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकें यथासंभव हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएं।
सरकार का मानना है कि इससे अनावश्यक यात्राओं में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी और प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ेगी।











