इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में दान के पैसों में हुई हेराफेरी, पुजारी की पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

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By Raj RathorePublished On: June 9, 2026
Punit Bhatt Pujari Khajrana Mandir

इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर के मुख्य पुजारी पुनीत भट्ट की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उनकी पत्नी डॉ. इंद्रा भट्ट ने पति पर दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और आर्थिक अनियमितताओं सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर उन्होंने कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपते हुए पुनीत भट्ट को मंदिर के मुख्य पुजारी पद से हटाने की मांग की।

डॉ. इंद्रा भट्ट ने आरोप लगाया कि उनके पति अपने प्रभाव और प्रशासनिक संपर्कों का इस्तेमाल कर मामले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार धमकाया जा रहा है और किसी अनहोनी की आशंका भी बनी हुई है।

दर्ज हो चुका है केस

पीड़िता के अनुसार, अप्रैल 2026 में उन्होंने महिला थाना इंदौर में पति पुनीत भट्ट और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। इसके अलावा घरेलू हिंसा को लेकर भी एक अन्य प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है।

उन्होंने बताया कि पुजारी से उनका विवाह मई 2025 में हुआ था, लेकिन शादी के कुछ समय बाद से ही दहेज की मांग और प्रताड़ना शुरू हो गई थी। शिकायत में परिवार के अन्य सदस्यों प्रतिमा नागर, नवीन नागर, उदित भट्ट, कुमकुम भट्ट, सुमित भट्ट और विनीत भट्ट के नाम भी शामिल किए गए हैं।

मुख्य पुजारी होने का रौब 

डॉ. इंद्रा भट्ट का आरोप है कि उनके पति खुले तौर पर यह कहते हैं कि मंदिर के मुख्य पुजारी होने के कारण उनके बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से सीधे संबंध हैं, इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती।

पीड़िता ने दावा किया कि करीब छह महीने पहले उन्हें घर से निकाल दिया गया था। इसके बाद से वे लगातार न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं।

दान में हेराफेरी के आरोप

शिकायत में मंदिर की दान राशि को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। डॉ. इंद्रा भट्ट ने दावा किया कि मंदिर में आने वाली दान राशि में बड़े स्तर पर हेराफेरी की जाती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुनीत भट्ट अक्सर मंदिर से घर लाखों रुपये लेकर आते थे। जब उन्होंने इस पर सवाल उठाया, तो पुजारी द्वारा अधिकारियों से संबंध होने की बात कहकर मामले को टाल दिया जाता था।

निलंबन की मांग

डॉ. इंद्रा भट्ट ने शिकायत में मंदिर एक्ट के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी पुजारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाया या निलंबित किया जा सकता है।

इसी आधार पर उन्होंने प्रशासन से पुनीत भट्ट को मुख्य पुजारी पद से हटाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।