देशमध्य प्रदेश

ये काम वाली बाइयां…!

राजेश ज्वेल

इस कोरोना काल में एक और महत्वपूर्ण घटना हुई.. जिस पर किसी ने शायद ही गौर किया हो… वह है घरों से काम वाली बाइयों का दूर होना… याद कीजिये पहले एक दिन भी बाई घर न आए तो बीबी जी का गुस्सा सातवें आसमान पर और इसका खामियाजा घर के सदस्य उठाते… लेकिन मजाल है इन 60 दिनों के लॉकडाउन में किसी घर में बाई की कमी महसूस होते हुए भी की गई हो.. हिन्दुस्तान की हिस्ट्री में यह पहला अवसर है जब तमाम बीबियों ने अपनी सबसे ख़ास माने जाने वाली बाइयों को दूर किया है… घर का सारा कामकाज इतने दिनों से करने के बावजूद कोरोना का खौफ ऐसा कि अभी भी इन बाइयों को घर में एंट्री देने में परिवार के साथ बीबियों को भी आपत्ति है… वरना ऐसा कोई घर नहीं जिसकी महत्वपूर्ण सदस्य ये बाईयां न हो…इन्हें घर के साथ आसपास की पूरी जानकारी रहती है.. पूरे मोहल्ले से लेकर दोस्त, रिश्तेदार ,पड़ोसियों की सारी खबरें बाइयां के पास रहती जो बर्तन रगड़ते -झाड़ू-पौछा करते वक्त बड़ी होशियारी से मिर्च-मसाले सहित बीबियों को परोस देती है…बीबियों की भी अपनी बाइयों से जबरदस्त घुटती है.. कई तरह की बातें शेयर की जाती है…जासूसी करवाने से लेकर गॉसिप के आदान-प्रदान में भी इन बाइयों के तगड़े नेटवर्क का इस्तेमाल बीबियाँ बड़ी खूबी से करती रही है.. इन बाइयों को डांटने का सर्वाधिकार भी बीबियों ने अपने पास रखा ..

पति अगर बोल दे तो पलटकर ये जवाब मिलता ..कल से तुम कर लेना सब काम …कुल मिलाकर ये बाइयां बीबियों की सबसे मजबूत मजबूरियां रही है .. एक दिन भी ना आने या देरी से पहुंचने पर इनकी खटपट सुनने लायक रहती है… किसी दिन अगर मैमसाब का मूड उखड़ा-उखड़ा है…तो समझ लो बाई ने गच्चा दे दिया.. हालांकि इन बाइयों की सभी जरूरी मदद भी ये बीबियाँ ही करती रही है… इनके बिना एक दिन गुजारा संभव नहीं था .. वहां इतने दिन कैसे गुजर गए पता ही नहीं चला… सोशल मीडिया पर भी बीबियों और बाइयों से संबंधित जोक्स कम नहीं रहते और उनका वार्तालाप ऐसा ,मानों कोई प्रेमिका अपने प्रेमी से बात कर रही हो… जैसे… सुनो, कल टाइम से आ जाना… कल दो बार आना… मैं इंतजार करूंगी… प्लीज, धोखा मत दे देना… या, मैं कब से तुम्हारा इंतजार कर रही थी… आज बहुत देर कर दी… सारे बर्तन-कपड़े पड़े हैं… अब कल से थोड़ा जल्दी आना… या फिर छोडऩा हो तो पहले से बता देना… एकदम मत छोडऩा, ताकि मैं दूसरा इंतजाम कर सकूं… अब हर घर ने अपनी इन बाइयों को छोड़ रखा है… इनकी भी सुध लेना जरूरी है… महीने की पगार के अलावा राशन या अन्य मदद की जा रही होगी ,वही अब पर्याप्त सावधानी के साथ आने वाले कुछ दिनों में उनकी घरों में वापसी सुनिश्चित की जाना है , हालंकि अभी बाइयों को कोरोना कैरियर मानते हुए जल्दी घरों में एंट्री नहीं मिलेगी ..लेकिन हमारे परिवार इन्हें मिस बहुत कर रहे है ..!

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