लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के “वोट चोर-गद्दी छोड़” अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी ने सम्मेलन आयोजित किया। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने मंच से आरोप लगाया कि प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार महिलाओं को उनके हक से वंचित कर रही है। पटवारी ने कहा कि सरकार ने लाड़ली बहना योजना के तहत हर महिला को 3000 रुपए प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन आज तक महिलाओं को केवल 1250 रुपए ही दिए जा रहे हैं। बाकी की राशि का हिसाब सरकार नहीं बता पा रही है।
“लाड़ली बहनों के 1800 रुपए की चोरी”
पटवारी ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि लाड़ली बहनों का हक मारकर सरकार हर माह 1800 रुपए की चोरी कर रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सवाल उठाया कि यदि सरकार ने वादा किया था तो उसे निभाना क्यों नहीं चाहिए? उन्होंने साफ कहा कि महिलाएं सिर्फ 1200-1250 रुपए की हकदार नहीं, बल्कि पूरे 3000 रुपए की हकदार हैं।
ओबीसी आरक्षण और बयान पर प्रतिक्रिया
सम्मेलन में पटवारी ने ओबीसी वर्ग के आरक्षण मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के सवाल पर सरकार चुप है और इस पर जनता को गुमराह किया जा रहा है। वहीं, लाड़ली बहना योजना को लेकर कथित विवादित बयान की सफाई देते हुए उन्होंने कहा – “मेरी दो बेटियां हैं और मैं सभी महिलाओं का सम्मान करता हूं। भाजपा इस मुद्दे को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।”
“मैं विपक्ष का कार्यकर्ता रहूंगा”
जीतू पटवारी ने सम्मेलन के मंच से यह भी कहा कि वे हमेशा विपक्ष की भूमिका निभाते रहेंगे, लेकिन मोहन यादव मुख्यमंत्री की कुर्सी पर अगले तीन साल भी नहीं टिक पाएंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता से 3000 रुपए देने का वादा करके महिलाओं को मात्र 1200 रुपए देना सीधी धोखाधड़ी है। कांग्रेस जनता का हक दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेगी।
मंच पर उठा खाद संकट का मुद्दा
सम्मेलन के दौरान एक दिलचस्प घटनाक्रम भी सामने आया। पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह को शुरू में भाषण देने के लिए नहीं बुलाया गया। बाद में जब प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें स्वयं आमंत्रित किया तो पहले उन्होंने इनकार किया, लेकिन पटवारी के आग्रह पर भाषण दिया। चौधरी ने अपने संबोधन में भिण्ड जिले में खाद संकट का मुद्दा उठाया और कहा – “सरकार हमारी है, लेकिन किसान खाद के लिए परेशान हैं। विधायक कलेक्टर के बंगले का घेराव कर रहे हैं। आखिर कलेक्टर क्या अपने घर से खाद देगा? सरकार को तुरंत समाधान करना चाहिए।”