खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने लखनऊ के विभिन्न इलाकों में एक व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई का मकसद जनता को मिलावटी और खराब खाद्य पदार्थों से बचाना था। टीम ने हल्दीराम के फैजुल्लागंज स्थित वेयर हाउस सहित कई कोल्ड स्टोरेज और खाद्य संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड और मिलावटी उत्पादों का खुलासा हुआ।
हल्दीराम वेयर हाउस में बरामद हुई एक्सपायर्ड मिठाई
छापेमारी में हल्दीराम के वेयर हाउस से लगभग 1 क्विंटल 12 किलो सोनपापड़ी और राजभोग बरामद हुए। इन उत्पादों की अनुमानित कीमत 45 हजार रुपए बताई गई है। अधिकारियों ने तुरंत पूरे स्टॉक को नष्ट करवा दिया। इसके अलावा, असॉर्टेड पेड़ा, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, पेठा और गुजिया के नमूने भी लिए गए, जिन्हें आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
दुकानों और कोल्ड स्टोरेज में मिले मिलावटी मसाले
लखनऊ में विभाग ने अलग-अलग दुकानों और स्टोरेज सेंटरों पर छापेमारी कर कुल 10,415 किलो मसाले और खोया जब्त किए। इसमें स्वरूप कोल्ड स्टोरेज, ऐशबाग से 8,499 किलो काली मिर्च और 378 किलो खोया शामिल था। कुल मिलाकर जब्त की गई खाद्य सामग्री की अनुमानित कीमत 55.91 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा सौंफ और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी परीक्षण के लिए लिए गए।
ग्लोब कैफे से नमूने लिए गए
महानगर स्थित ग्लोब कैफे से पनीर और गुझिया के नमूने इकट्ठा किए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि सभी नमूनों का विश्लेषण खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत किया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नकली मावा और जागरूकता अभियान
अभियान के दौरान 112 किलोग्राम नकली खाद्य पदार्थ मौके पर नष्ट कराए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 45 हजार रुपए थी। साथ ही, विभाग की ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ टीम ने 26 फरवरी को सीतापुर रोड स्थित मड़ियांव क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया। लोगों को खुले में बिकने वाले चटक रंगीन पापड़ और कचरी खाने से बचने की सलाह दी गई।
स्वास्थ्य के लिए खतरा
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इन मिलावटी उत्पादों में अक्सर प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों का उपयोग किया जाता है। इसका सेवन पेट की गंभीर बीमारियों, पाचन संबंधी गड़बड़ी, बच्चों में एलर्जी और लंबे समय में कैंसर जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। हल्दीराम जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड में मिलावटी मिठाई मिलने के बाद जनता में चिंता बढ़ गई है।










