महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार 28 जनवरी को बारामती में विमान दुर्घटना में निधन हो गया। वे राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। उनका लेयरजेट 45 मॉडल का विमान बारामती की हवाई पट्टी पर उतरने का प्रयास कर रहा था। रनवे नंबर 11 पर लैंडिंग के दौरान यह भीषण हादसा हुआ। विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई।
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े नेता की विमान दुर्घटना में जान गई हो। भारतीय राजनीति में ऐसे कई दर्दनाक हादसे हुए हैं। इन हादसों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
एयर इंडिया हादसे में विजय रूपाणी की मौत
12 जून 2025 को एयर इंडिया का विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 241 लोगों की जान गई। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।
68 वर्षीय रूपाणी बीजेपी के वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने 2016 से 2021 तक गुजरात का नेतृत्व किया था। लंदन गैटविक जा रहा बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर एक मेडिकल कॉलेज के छात्रावास पर गिरा। विमान में आग लग गई और सभी यात्रियों की मौत हो गई।
संजय गांधी का दुखद अंत
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी की मौत 23 जून 1980 को हुई थी। दिल्ली के सफदरगंज हवाई अड्डे के पास यह हादसा हुआ। उस समय वे मात्र 33 वर्ष के थे।
संजय गांधी दो सीटों वाला छोटा विमान खुद उड़ा रहे थे। उड़ान भरते समय विमान क्रैश हो गया। इस हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। कांग्रेस पार्टी के लिए यह बड़ा झटका था।
माधवराव सिंधिया का निधन
कांग्रेस के दिग्गज नेता माधवराव सिंधिया की मौत 30 सितंबर 2001 को हुई। वे ग्वालियर राजपरिवार से थे। वर्तमान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके पुत्र हैं।
यह हादसा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में हुआ था। माधवराव कानपुर में चुनावी सभा में जा रहे थे। खराब मौसम के कारण उनका प्राइवेट विमान गिर गया। विमान में सवार सभी लोगों की जान चली गई।
लोकसभा स्पीकर जीएमसी बालायोगी
तत्कालीन लोकसभा स्पीकर जीएमसी बालायोगी की मौत 3 मार्च 2002 को हुई। वे तेलुगु देशम पार्टी के वरिष्ठ नेता थे। आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले में यह हेलीकॉप्टर हादसा हुआ।
उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बालायोगी की असमय मौत ने राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ा दी।
अरुणाचल के सीएम दोरजी खंडू
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खंडू की मौत 30 अप्रैल 2011 को हुई। उनका हेलीकॉप्टर चीन सीमा के पास एक सुनसान इलाके में गिरा। यह इलाका इतना दुर्गम था कि मलबा खोजने में पांच दिन लगे।
यह हादसा बेहद भयानक था। बचाव दल को पहाड़ी इलाके में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः हेलीकॉप्टर का मलबा मिला लेकिन कोई बच नहीं सका।
वाईएस राजशेखर रेड्डी की दुखद मौत
आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की मौत 2 सितंबर 2009 को हुई। उनका हेलीकॉप्टर नल्लामाला की पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। लापता होने के बाद बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
अगले दिन दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का पता चला। वाईएसआर की मौत से आंध्र प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। लाखों समर्थक सड़कों पर उतर आए थे।
विमान हादसों का दर्दनाक इतिहास
भारतीय राजनीति में विमान और हेलीकॉप्टर हादसों का लंबा इतिहास रहा है। इन हादसों में कई प्रमुख नेताओं की जान गई। हर बार देश ने इन हादसों को गहरे दुख के साथ झेला।
अजित पवार की मौत इस दुखद सूची में नया नाम जोड़ती है। बारामती में हुए इस हादसे की जांच जारी है। विमान दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
इन हादसों ने हमेशा विमान सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। वीआईपी उड़ानों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग उठती रही है। हर हादसे के बाद नियम कड़े करने की बात होती है।











