Bhavantar Yojana : मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जनवरी को भावांतर भुगतान योजना के तहत बकाया राशि जारी करने जा रहे हैं। राज्य सरकार इस दिन किसानों के बैंक खातों में कुल 210 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेगी। यह कार्यक्रम विदिशा जिले के शमशाबाद में आयोजित किया जाएगा, जहां से सीएम सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि भेजेंगे।
प्रदेश में सोयाबीन की सरकारी खरीदी 15 जनवरी तक चली थी। इस बार सरकार ने भावांतर योजना के अंतर्गत सोयाबीन की फसल को भी शामिल किया था। खरीदी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सरकार का पूरा फोकस किसानों के भुगतान पर है।
7 लाख से अधिक किसानों को लाभ
आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में करीब 7.10 लाख किसानों ने अपनी उपज बेची है। मंडियों में कुल 17 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन की आवक दर्ज की गई। योजना के तहत सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और मॉडल रेट के बीच के अंतर की राशि का भुगतान करती है। यह गणना हर 15 दिन में जारी होने वाले मॉडल रेट के आधार पर की जाती है।
अब तक 1292 करोड़ का भुगतान
भावांतर योजना के तहत किसानों को कुल 1500 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था। इसमें से 1292 करोड़ रुपये की राशि पहले ही किसानों के खातों में पहुंच चुकी है। शेष बची 210 करोड़ रुपये की राशि 29 जनवरी को जारी की जाएगी। इसके साथ ही इस सीजन का भुगतान लगभग पूरा हो जाएगा।
तकनीकी खामियों का हो रहा समाधान
बीते दिनों कई किसानों ने शिकायत की थी कि उन्हें योजना की राशि नहीं मिली है। जांच में सामने आया कि कई खातों में आधार नंबर लिंक न होने या आईएफएससी कोड में गड़बड़ी के कारण ट्रांजेक्शन फेल हुए थे। मंडी बोर्ड ने इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया है। खाद्य विभाग और कृषि विभाग मिलकर इन त्रुटियों को सुधार रहे हैं ताकि 29 जनवरी तक सभी पात्र किसानों को पैसा मिल सके।
नीति आयोग ने की सराहना
मध्य प्रदेश की इस योजना की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी है। नीति आयोग ने भावांतर भुगतान योजना का अध्ययन किया है ताकि इसे अन्य राज्यों में भी लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया जा सके। इसके अलावा, गणतंत्र दिवस की परेड में मंडी बोर्ड ने ई-मंडी सिस्टम पर आधारित झांकी भी प्रस्तुत की थी।











