Indore Western Ring Road : मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बढ़ते वाहनों के दबाव और ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या को हल करने के लिए पश्चिमी रिंग रोड परियोजना पर काम तेज कर दिया गया है। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट इंदौर के परिवहन ढांचे को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश को रोकना और बाहरी इलाकों को मुख्य राजमार्गों से जोड़ना है।
64 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रस्तावित गति सीमा है। इस मार्ग पर वाहनों को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की अनुमति होगी। इतनी अधिक गति सीमा से न केवल यात्रियों के समय की बचत होगी बल्कि लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई के क्षेत्र में भी बड़ी क्रांति आएगी।
31 गांवों की भूमि का होगा उपयोग
इस विशाल बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए इंदौर के आसपास के कुल 31 गांवों से जमीन ली गई है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के बाद अब निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। इन ग्रामीण क्षेत्रों के जुड़ने से स्थानीय स्तर पर भी विकास के नए अवसर पैदा होंगे और जमीन की कीमतों में उछाल आने की संभावना है।
शहर के ट्रैफिक को मिलेगी नई दिशा
वर्तमान में इंदौर की आंतरिक सड़कों पर ट्रैफिक का भारी बोझ रहता है। विशेष रूप से पीथमपुर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले भारी ट्रक शहर के मुख्य चौराहों से होकर गुजरते हैं। पश्चिमी रिंग रोड के शुरू होने के बाद ये वाहन शहर के बाहर से ही अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे।
इससे न केवल शहर के भीतर जाम की स्थिति खत्म होगी बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिंग रोड इंदौर की हवा की गुणवत्ता सुधारने में भी मददगार साबित होगा क्योंकि शहर के बीचों-बीच होने वाला उत्सर्जन कम हो जाएगा।
विकास का नया कॉरिडोर
64 किमी लंबा यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं बल्कि भविष्य के इंदौर का विकास गलियारा है। इस रोड के दोनों ओर भविष्य में नए आवासीय प्रोजेक्ट्स औद्योगिक इकाइयां और लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित होने की प्रबल संभावना है। प्रशासन इस बात पर भी ध्यान दे रहा है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ-साथ समय सीमा का भी पालन किया जाए ताकि जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
इंदौर की बढ़ती आबादी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह पश्चिमी रिंग रोड शहर की नई लाइफलाइन बनने के लिए तैयार है। आने वाले समय में यह प्रोजेक्ट इंदौर को एक वैश्विक स्तर के महानगर के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।











