मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई क्रांतिकारी निर्णयों पर मुहर लगाई गई।
इस बैठक में सरकार ने युवाओं, किसानों, बुजुर्गों और पर्यटन क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। बैठक के उपरांत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन कश्यप ने मीडिया को कैबिनेट के इन फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।
युवाओं के लिए ‘निवेश योजना’
कैबिनेट ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए वर्ष 2022 की रोजगार सहायता योजना का विस्तार किया है। अब इस योजना को ‘निवेश योजना’ के नाम से जाना जाएगा। इसके तहत पिछड़ा वर्ग के उन युवाओं को बड़ी राहत दी गई है जो विदेश में रोजगार पाना चाहते हैं।
सरकार अब ऐसे युवाओं के विदेश जाने का पूरा यात्रा खर्च वहन करेगी। उल्लेखनीय है कि पहले यह सुविधा केवल जापान जाने वाले युवाओं तक सीमित थी, लेकिन अब इसे वैश्विक स्तर पर विस्तारित कर दिया गया है। इस योजना के लिए 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रतिवर्ष 500 से 600 युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर बनाने में मदद मिलेगी।
पचमढ़ी का कायाकल्प
पर्यटन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की धाक जमाने के लिए सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हब बनाने का निर्णय लिया गया है। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पचमढ़ी के विकास का नया मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसमें कुछ तकनीकी बाधाओं को दूर करते हुए विकसित क्षेत्र का पुन: अनुमोदन किया गया है।
इसके साथ ही, प्रदेश में बाघों की बढ़ती संख्या और उनके बेहतर प्रबंधन के लिए सरकार ने 390 करोड़ रुपये की बड़ी योजना को मंजूरी दी है। यह राशि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व के बफर जोन की सुरक्षा और वहां के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर खर्च की जाएगी।
किसानों के लिए सिंचाई परियोजनाओं
कृषि प्रधान प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जल संसाधन विभाग की दो प्रमुख परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। तवा परियोजना के अंतर्गत बागरा शाखा लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से सुहागपुर और बाबई तहसील के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त पिपरिया शाखा के विस्तार से सुहागपुर तहसील की हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
इन प्रयासों से विशेषकर नरसिंहपुर जिले में सिंचाई का रकबा वर्तमान 71 प्रतिशत से बढ़कर 81 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही, मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन योजना के सुचारू संचालन के लिए 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड मंजूर किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा
कैबिनेट ने बुजुर्गों के कल्याण के लिए ‘सेवा भारती-संध्या छाया योजना’ को मंजूरी दी है, जिसके तहत 34 कमरों के एक विशेष आवास में 56 बुजुर्गों के रहने और उनकी देखभाल की व्यवस्था की जाएगी। खेल के क्षेत्र में ‘खेलो एमपी यूथ गेम्स’ का आयोजन मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भव्य स्तर पर किया जाएगा।
प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सरकार ने विभिन्न विभागों की 15 पुरानी योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नए राजस्व कार्यालयों और सरकारी भवनों के निर्माण के प्रस्तावों को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। बैठक में मुख्यमंत्री ने अपनी हालिया दावोस यात्रा का भी उल्लेख किया और मंत्रियों को बताया कि मध्य प्रदेश अब वैश्विक स्तर पर निवेश के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।











