देश

इंदौर के लोग नहीं मानते हैं इसलिए पूरा शहर अभी नहीं खुलेगा : कलेक्टर

सांसद ने रेसीडेंसी कोठी पर लिए मीडिया वालों से सुझाव

राजेश राठौर

इंदौर । कलेक्टर मनीष सिंह ने आज रेसीडेंसी कोठी में हुई मीडिया से बातचीत के दौरान साफ कहा कि इंदौर के लोग बात मानने को तैयार नहीं होते हैं, इसलिए पूरा शहर हम फिलहाल नहीं खोलेंगे। एरिया स्तर पर ही दुकानें खुलेगी। भीड़ भरे बाजार फिलहाल नहीं खुलेंगे। राजबाडा से लेकर उसके आसपास का इलाका सराफा, मारोठिया बाजार, साठा बाजार, क्लॉथ मार्केट,सीतामाता बाजार, मारोठिया बाजार, खजूरी बाजार, जवाहर मार्ग, बंबई बाजार, बड़वाली चौकी, सुभाष मार्ग जैसे इलाके बिल्कुल नहीं खुल पाएंगे। इनको खोलने के बारे में 15 जून के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

सांसद शंकर लालवानी ने आज पत्रकारों को रेसीडेंसी कोठी पर लॉक डाउन खोलने के बारे में सुझाव लेने के लिए बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सभी ने कहा कि धीरे-धीरे शहर खुलना चाहिए, भले ही जून – जुलाई तक पुरा इंदौर खोलें, चल जाएगा। ज्यादा बाजार खुलने पर लोग मानेंगे नहीं और शारीरिक दूरी बनाने की बात नहीं मानने के कारण कोरोना पाजेटिव के मरीज बढ़ सकते हैं।

वैसे भी विश्व स्वास्थ संगठन और विशेषज्ञों ने कहा है कि जून-जुलाई में इंदौर में केस बढ़ सकते हैं। सांसद लालवानी ने कहा कि हम सभी वर्गों के लोगों से सुझाव लेने के बाद ही शहर धीरे-धीरे खोलेंगे। एक साथ पूरा शहर खोलने का तो सवाल ही नहीं उठता है। जून और जुलाई में मरीजों की बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए लगभग 10,000 बिस्तरों का इंतजाम किया है। अस्पतालों के अलावा मैरिज गार्डन, होटल और आईआईएम और आईआईटी में भी मरीजों को रखा जा सकता है। वैसे अभी शहर में लोग घूम रहे हैं, और जो लोग शारीरिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं। या मास्क नहीं लगा रहे हैं। सेनेटाइज का उपयोग नहीं कर रहे हैं। वह संक्रमण के दायरे में आ रहे हैं।

डॉक्टर निशांत खरे ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि संक्रमण नहीं फैले। इसके लिए लोगों के सपोर्ट की जरूरत है। जब तक आम नागरिक सहयोग नहीं करेगा, तब तक इस बीमारी पर रोक नहीं लग पाएगी। डॉ खरे ने कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं ली जा सकती है कि आखिरी मरीज कब तक आएगा। हमें कोरोना के साथ जीना है, इसलिए सावधानी के साथ काम करना सीखना पड़ेगा। बैठक में सुझाव आया कि ज्यादा से ज्यादा काम ऑनलाइन कर दिया जाए। जब दुकान खोल दी जाए तो उनमें ग्राहक का प्रवेश नहीं हो। ऑनलाइन ऑर्डर मिलने पर होम डिलीवरी की जाए। यदि ऐसा करते हैं तो लोग घरों से कम निकलेंगे। मध्यवर्गीय लोगों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। जिनके पास अब राशन ही नहीं पैसा भी खत्म हो गया है। ऐसे लोगों को काम पर लाने के लिए प्रशासन को प्रयास करने पड़ेंगे।

इसके अलावा जन जागरण अभियान बड़े पैमाने पर चलाने की बात सामने आई। यह कहा गया कि नगर निगम की कचरा गाड़ियों के माध्यम से कोरोना को लेकर उद्घोषणा की जाए। उसके अलावा सोशल मीडिया का उपयोग सबसे ज्यादा किया जाए। लोगों को समझाना जरुरी है, क्योंकि लोग यह मानते हैं कि लाक डाउन खुल गया तो हमें घर से निकलना ही हैं। बिना काम से घर से निकलने वाले लोग इस बीमारी का शिकार हो सकते हैं। मनीष सिंह ने कहा कि लगभग 1000 निजी क्लीनिक आज से खुलना शुरू हो गए हैं।

अब वही पर ही पता लग जाएगा कि कितने लोग सर्दी, खासी और बुखार से पीड़ित है। ऐसे मरीज यदि समय पर ठीक नहीं होते है तो फिर ऐसे मरीजों का इलाज बड़े अस्पताल में कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कोरोना वायरस की जांच भी कराई जाएगी। सांसद लालवानी ने कहा कि हम व्यापारियों और रहवासी संघ से भी बात कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों से भी सुझाव मांगे हैं। सबकी सहमति जिन मुद्दों पर बनेगी।उस हिसाब से हम लगातार काम करते जाएंगे।

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