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इंदौर में मास्क नहीं पहनने पर लगेगा स्पाॅट फाईन, सोशल डिस्टेंसिंग भी अनिवार्य : कलेक्टर

इंदौर।  जिले में जिला दण्डाधिकारी मनीष सिंह ने जिला इन्दौर को कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने हेतु मॉस्क नहीं पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने, सामुहिक एकत्रीकरण होने पर कार्यवाही करते हुये स्पाट फाइन के संबंध में आदेश जारी किये हैं। इसके अलावा उन्होंने बगैर अनुमति के कोई भी संस्थान/कार्यालय/दुकान आदि को अनाधिकृत रूप से खोले जाने पर भी स्पॉट फाइन और अन्य कार्यवाही करने के आदेश दिये हैं। उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर स्पॉट फाईन के भी निर्देश दिये हैं। संस्थानों, कार्यक्षेत्र, इकाइयों आदि जगहों पर सेनेटाइजर तथा साफ-सफाई नहीं रखने पर भी कार्यवाही के लिये संबंधित अधिकारियों को अधिकार दिये हैं।

इस संबंध में आज जारी आदेशानुसार नगर निगम इन्दौर शहर क्षेत्र में आयुक्त नगर निगम, जिले के अन्य नगरीय निकायों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी स्वयं अथवा उनके द्वारा अपने अधीनस्थों को लिखित आदेशों के माध्यम से डेलीगेशन के तहत स्पाट फाईन करने का अधिकार सौंप सकेंगे। स्पॉट फाईन निम्न गतिविधियों का उल्लंघन होने पर एवं दिए गए अधिकारों के तहत किया जा सकेगा –

चेहरे पर मास्क

इन्दौर जिले की सीमाओं के अन्दर समस्त व्यक्तियों के लिए यह बंधनकारी होगा कि वे घर के बाहर अनिवार्यत: सर्जिकल मास्को पहनकर रहेंगे। रूमाल या गमछे आदि का मॉस्क के रूप में उपयोग करना प्रतिबंधित रहेगा , इसको मॉस्क की श्रेणी में नहीं लिया जाएगा । इसका उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या कार्यक्षेत्र/संस्थान के प्रभारी पर स्पॉट पाईन कर रसीद देते हुए राशि पाने का अधिकार आयुक्त नगर निगम, इन्दौर जिले के अन्य नगरीय क्षेत्र में संबंधित मुख्य नगर पालिका अधिकारी, शेष ग्रामीण क्षेत्र में अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा जिले में पदस्थ समस्त कार्यपालिक मजिस्ट्रेट को रहेगा। स्पाट फाईन की यह राशि व्यक्ति विशेष पर 100 रुपये तक की जा सकेगी। किसी कार्यक्षेत्र जैसे व्यवसायिक संस्थान, दुकान, कार्यालय आदि के अन्दर उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्था प्रभारी, व्यक्ति के विरुद्ध एक हजार रूपये से लेकर 10 हजार रूपये की स्पाट फाईन का निर्धारण संस्थान के महत्व एवं उसमें कार्यरत व्यक्तियों की क्षमता अनुसार निर्धारण उक्त अधिकारियों द्वारा किया जायेगा।

सोशल डिस्टेंसिंग

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी इन्दौर द्वारा समय- समय पर विभिन्न गतिविधियों के संचालन की अनुमति प्रदान की गई है एवं भविष्य में भी इसी प्रकार लिखित आदेश से अनुमतियाँ दी जाएगी। इन सभी संस्थानों चाहे वे उद्योग या व्यवसाय, कार्यालय ट्रेडिंग स्वरूप के हो, संस्थान प्रमुख की यह जिम्मेदारी होगी कि उनके संस्थान में दो मीटर की दूरी सभी व्यक्तियों के बीच में रहे। इसी प्रकार सभी सार्वजनिक स्थनलों पर भी दो मीटर की दूरी दो व्यक्तियों के मध्य रहना जरूरी है। उपरोक्तानुसार दी जा रही अनुमतियों में किसी भी संस्था में उल्लंघन पाए जाने पर सार्वजनिक क्षेत्र एवं रहवासी संघों के बगीचे में उल्लंघन पाए जाने पर इन्दौर नगर निगम सीमा क्षेत्र में आयुक्त नगर निगम, अन्य नगरीय निकायों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा जिले में पदस्थ समस्त कार्यपालिका मजिस्ट्रेट्स दो मीटर की सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन होने पर संबंधित राजस्थान के प्रभारी पर एक हजार रुपये का स्पॉट फाईन मौके पर ही करते हुए रसीद देते हुए स्पॉट फाईन की राशि वसूल कर सकेंगे। दोबारा उल्लंघन होने पर संबंधित संस्थान को बंद कर सील किया जा सकेगा एवं उसका संचालन संबंधी लायसेंस को उपरोक्त अधिकारी स्वयं के हस्ताक्षर से जारी कर स्थगित कर सकेंगे। साथ ही किसी भी व्यक्ति विशेष पर प्रति व्यक्ति यह स्पॉट फाईन सौ रूपये प्रति व्यक्ति रहेगी।

हाथ साफ करने हेतु सेनेटाईजर, साबुन-पानी की समुचित व्यवस्था

समस्त प्रकार के संस्थानों, कार्यक्षेत्र, इकाइयाँ आदि में कार्यरत व्यक्तियों को लिए संस्थान प्रभारियों को समुचित मात्रा में जगह-जगह पर सेनेटाईजर रखना अनिवार्य रहेगा तथा संबंधित टायलेट्स की साफ-सफाई,वॉश-बेसीन में समुचित जल-प्रदाय, साबुन की व्यवस्था करना अनिवार्य रहेगा। इसका उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या कार्यक्षेत्र/संस्थान के प्रभारी पर स्पॉट फाईन कर रसीद देते हुए राशि पाने का अधिकार आयुक्त नगर निगम, इन्दौर, जिले के अन्य नगरीय क्षेत्र में संबंधित मुख्य नगर पालिका अधिकारी, शेष ग्रामीण क्षेत्र में अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा जिले में पदस्थ समस्त कार्यपालिका मजिस्ट्रेट को रहेगा। एक हजार रूपये का स्पॉट फाईन उक्त अधिकारियों द्वारा मौके पर किया जा सकेगा।

थूकने पर प्रतिबंध

वर्तमान में संपूर्ण नगर निगम इन्दौर सीमा क्षेत्र में पान, गुटके की दुकानें नहीं खोली जा रही है। इंदौर नगर निगम सीमा क्षेत्र में निवासरत सभी रहवासियों को निर्देशित किया गया है कि वे कहीं भी सार्वजनिक स्थलों पर नहीं थूकें ताकि करोना कोविड-19 के संक्रमण से बचा जा सके। आयुक्त नगर निगम तथा उनके द्वारा नामांकित प्राधिकृत अधिकारी द्वारा किसी व्यक्ति द्वारा इसका उल्लंघन किया जाने पर दो सौ रूपये का स्पाट फाईन रसीद दिया जाकर किया जा सकेंगा। अर्थदण्ड की राशि जमा नहीं किए जाने पर इस आदेश के उल्लंघन स्वरूप उस व्यक्ति के विरुद्ध नगर निगम के अधिकारी उसे बलात पकड़कर थाने में ले जायेंगे तथा संबंधित नगर निगम के अधिकारी इस आदेश के उल्लंघन के चलते धारा 188 आईपीसी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध करने हेतु लिखित में आवेदन प्रस्तुत करेंगे। संबंधित उल्लंघनकर्ता व्यक्ति द्वारा थाने में जाने में प्रतिरोध करने पर साथ ही स्पाट फाईन की राशि नहीं जमा करने पर थाने में एफआईआर के साथ अन्य सु-संगत धाराओं तथा धारा 353 आईपीसी के तहत प्रकरण दर्ज किया जायेगा।

कलेक्टर की अनुमति के बगैर कोई भी संस्थान/कार्यालय/दुकान आदि अनाधिकृत रूप से संचालित करने पर होगी कार्यवाही

कलेक्टर द्वारा समय-समय पर विभिन्न गतिविधियों को संचालित करने हेतु अनुमति दी जा रही है। शहर में कोविड-19 संक्रमण को रोकने लिए यह आवश्यक है कि शहर में धीरे-धीरे ही विभिन्न गतिविधियों को खोला जाय तथा ऐसी गतिविधियाँ, जिन्हें संचालित करने, खोलने की अनुमति कलेक्टर द्वारा नहीं दी गई, वे कदापि नहीं खोले। इनमें औद्योगिक ईकाइयाँ, कार्यालय, व्यावसायिक प्रतिष्ठान आदि सम्मिलित हैं। भविष्य में अगर कोई बिना कलेक्टर की अनुमति के किसी भी प्रकार की गतिविधि/कार्यालय को खोलने का उल्लंघन करता है तो उस पर निम्न दो प्रकार की तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की जा सकेगी,पहली संबंधित संस्थान/गतिविधि जो स्थायी संपत्ति में होगी तो उसे सील करके उसे संचालित करने का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जा सकेगा एवं कोविड-19 संक्रमण के चलते ऐसे संस्थान/गतिविधि समस्त अवधि के लिए सील रहेंगे। दूसरा संबंधित संस्थान सील करने के साथ-साथ संस्थान प्रभारी से एक हजार रूपये का उक्त उल्लंघन स्वरूप फाईन लेने का अधिकार रहेगा।

उक्त कार्यवाही हेतु नगर निगम इन्दौर सीमा क्षेत्र में आयुक्त नगर निगम इन्दौर द्वारा प्राधिकृत झोनवार अधिकारी तथा साथ ही साथ निगम सीमा क्षेत्र में समस्त थाना क्षेत्रों के थाना प्रभारी, थाना प्रभारी अपने अधिकारों को अपने अधिनस्थों को प्रत्यायोजित नहीं कर सकेंगे तथा वे स्वयं अपने इस अधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। निगम सीमा क्षेत्र के बाहर यह कार्यवाही संबंधित नगरीय निकाय में मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी के साथ-साथ समस्त कार्यपालिक मजिस्ट्रेट को कर सकेंगे।

सामुहिक एकत्रीकरण

आदेश में बताया गया कि यह भी देखने में आया है कि कई व्यक्ति उल्लंघन करते हुए पार्टीयाँ आदि करते है अथवा जन्मदिन, मृत्यु भोज में अनेक लोगों को बुलाने का प्रयास करते है । इसी प्रकार के उल्लंघन के चलते मल्हारगंज स्थित महंत काम्पलेक्स में 90 से अधिक व्यक्ति संक्रमित हुए तथा सांवेर तहसील के ग्राम बड़ोदिया खान में जन्मदिन की पार्टी में 19 लोग संक्रमण का शिकार हुए। इस प्रकार का उल्लंघन करते हुए कोविड-19 का शिकार बनने से ऐसे व्यक्तियों का ईलाज अस्पताल में प्रशासन की जिम्मेदारी बन जाती है। जिससे अनावश्यक रूप से अस्पतालों के बिस्तर भर जाते है।

भविष्य में इन्दौर जिले की सीमाओं में रहने वाले समस्त व्यक्तियों एवं परिवारों को आदेशित किया गया है कि अग्रिम आदेश तक कोरोना कोविड-19 के संक्रमण के चलते कहीं पर भी किसी प्रकार का एकत्रीकरण लोगों द्वारा नहीं किया जा सकेगा तथा अगर इसका उल्लंघन होता है तो संबंधी अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा कार्यपालिक मजिस्ट्रेट को यह अधिकार होगा कि वे ऐसे उल्लंघन में शामिल हुए आयोजनकर्ता के विरुद्ध 5 हजार रूपये का स्पॉट फाइन कर रसीद देते हुए राशि वसूल कर सकेंगे। ऐसे एकत्रीकरण में सम्मिलित हुए प्रत्येक व्यक्ति पर पाँच सौ रूपये का स्पॉट फाईन के रूप में लगाया जा सकेगा यह अधिकार क्षेत्रीय अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा कार्यपालिक मजिस्ट्रेट्स का रहेगा तथा वे इसका सख्ती से प्रयोग कर सकेंगे । साथ ही ऐसे उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को समाज एवं आमजन में स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मानते हुए ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 107/116 दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के तहत संबंधित थाना प्रभारी, संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी के न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत करेंगे ताकि इन संक्रमित व्यक्ति के ठीक होने पर उन्हें
न्यायालय में बुलाया जा सके।

उक्त आदेश निर्देश इन्दौर जिले की सीमा में कोरोना कोविड-19 संक्रमण को रोकने के लिए दिए जा रहे है तथा इसका पालन करना सभी के लिए बाध्यकारी होगा यह आदेश समस्त केन्द्र सरकार, राज्य सरकार के शासकीय एवं अर्ध-शासकीय कार्यालयों, निजी रंर्थानों, निजी लियो, औद्योगिक इकाईयो, व्यादसायिक गतिविधियों एवं समस्त सार्वजनिक क्षेत्रों पर प्रभावशील होगा। उक्त समस्त निर्देशों पर निर्देश पर पृथक-पृथक अधिकारियों द्वारा लगाए गए स्पॉट फाइन की राशि को जमा करना समस्त ऐसे उल्लंघनकर्ताओं के लिए बाध्यकारी होगा एवं राशि जमा नहीं किए जाने पर प्राधिकृत अधिकारी संबंधित संस्थानों को सील कर सकेगे अथवा राशि जमा नहीं करने वाले संबंधित व्यक्ति की अनुमति अथवा उससे संबंधित लाइसेंस को स्थगित कर रखेंगे।

इन्दौर जिले में पदस्थ समस्त श्रम विभाग के इंस्पेक्टर एवं पदाधिकारी, संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से सतत संपर्क में रहेंगे तथा ऐसी समस्त गतिविधियों पर नजर रखेगे जिन्हें कलेक्टर द्वारा खोलने की अनुमति दी जा रही है । यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जिन शर्तों पर अनुमति दी जा रही है. संबंधित संस्थान उक्त शर्तों का पालन कर रहा है अथवा नहीं।

इसी प्रकार उद्योग विभाग के अधिकारियों की डयूटी भी समस्त औद्योगिक क्षेत्रों में लगाई गई है ताकि वे तीन बिन्दु 1-मॉस्क का उपयोग, 2- दो मीटर की दूरी तथा 3- सेनेटाईजर/साबुन की व्यवस्था, औद्योगिक इकाईयों द्वारा अपने कर्मचारियों को मुहैया कराई जा रही है अथवा नहीं, इस संबंध में जाँच कर सकते हैं।

कुमार पुरुषोत्तम कार्यकारी संचालक, एमपीआईडीसी इन्दौर इन दोनों बिंदुओं पर उल्लंघन करने वाले ऐसे औद्योगिक संस्थानों/इकाई को तत्काल बंद करने के लिए अधिकृत किए गये है। उल्लंघनकर्ताओं पर भारतीय दंड विधान की धारा 187, 188, 269, 270 एवं 271 के तहत कार्यवाही की जायेगी।