देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के हॉस्टल में रैगिंग का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। गुरुवार रात बीटेक तृतीय और चतुर्थ वर्ष के कुछ छात्रों ने हॉस्टल में घुसकर जूनियर विद्यार्थियों से जबरन परिचय लिया और उनके साथ मारपीट की। इसी दौरान एक जूनियर का चेहरा कमोड में डालकर फ्लश तक चला दिया गया। इस भयावह घटना से सहमे हुए पीड़ित छात्र सीधे भंवरकुआं थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पहले भी सामने आए थे कुछ मामले
आईईटी हॉस्टल में यह पहली घटना नहीं है। 19 अगस्त को भी जूनियर छात्रों के साथ मारपीट की गई थी। जांच के बाद आईईटी प्रबंधन ने 22 अगस्त को छह सीनियर छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया था। पीड़ित छात्रों ने थर्ड और फोर्थ ईयर के छात्रों पर आरोप लगाते हुए यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) में भी शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर यूजीसी ने विवि प्रबंधन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी छात्र सी हॉस्टल से संबंधित थे।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, कुछ सीनियर छात्रों की पहचान हो चुकी है और उनसे पूछताछ की जाएगी। इस घटना ने विश्वविद्यालय और हॉस्टल परिसर में भी हलचल मचा दी है। जूनियर छात्र भय के माहौल में हैं और अपने परिजनों को घटना की जानकारी दे चुके हैं। आईईटी प्रबंधन ने भी छात्रों से संपर्क कर मामले की पूरी जानकारी जुटाने का काम शुरू कर दिया है।
छात्रों के व्यवहार पर कार्रवाई, प्रबंधन ने दिया स्पष्टीकरण
आईईटी के प्रभारी डायरेक्टर डॉ. प्रतोष बंसल ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले मामले को रैगिंग नहीं, बल्कि परिचय के नाम पर की गई बदसलूकी माना गया है, जिस आधार पर छह छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित किया गया। डॉ. बंसल ने यह भी कहा कि गुरुवार रात हुई ताज़ा घटना की पूरी जानकारी अभी नहीं मिली है, इसलिए उस पर फिलहाल कोई निश्चित टिप्पणी नहीं की जा सकती। पीड़ित छात्रों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच जारी है।