इंदौर शहर में गणेशोत्सव की धूम देखते ही बन रही है। इस कड़ी में अनंत चतुर्दशी पर निकलने वाली पारंपरिक झांकियों की तैयारी भी जोर-शोर से शुरू हो चुकी है। हर साल की तरह इस बार भी नगर निगम ने झांकी निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हुए मिलों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया है।
नगर निगम ने मिलों को दिया आर्थिक सहयोग
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर की पांच प्रमुख मिलों – मालवा मिल, हुकुमचंद मिल, स्वदेशी मिल, राजकुमार मिल और कल्याण मिल को दो-दो लाख रुपये के चेक भेंट किए। इन मिलों द्वारा बनाई जाने वाली झांकियां शहर की शान मानी जाती हैं और इंदौर की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रखती हैं।
झांकियां बनी इंदौर की सांस्कृतिक धरोहर
महापौर ने कहा कि अनंत चतुर्दशी की झांकियां न केवल इंदौर की सांस्कृतिक पहचान हैं, बल्कि उनकी भव्यता पूरे देश में जानी जाती है। इन झांकियों के जरिए इंदौर की ऐतिहासिक परंपराएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ रही हैं। यही कारण है कि नगर निगम हर साल आर्थिक सहयोग देता है ताकि यह परंपरा लगातार चलती रहे।
देवी अहिल्या बाई जन्मोत्सव समिति को मिला सहयोग
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने देवी अहिल्या बाई जन्मोत्सव समिति को भी 5 लाख रुपये का चेक सौंपा। उन्होंने कहा कि इंदौर की ऐतिहासिक और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया भी मौजूद रहे।
कान्ह और सरस्वती नदी शुद्धिकरण पर समीक्षा बैठक
शहर की दूषित हो चुकी कान्ह और सरस्वती नदियों को शुद्ध करने के लिए शुक्रवार को एआईसीटीएसएस कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। महापौर ने कहा कि इन नदियों को पूरी तरह से शुद्ध बनाना जरूरी है ताकि शिप्रा नदी तक प्रदूषण न पहुंचे। साथ ही उन्होंने सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
सीवरेज लाइनों की मरम्मत के निर्देश
अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया ने जानकारी दी कि बीते डेढ़ माह से कंसल्टेंट टीम द्वारा नदियों के जल प्रदूषण का सर्वेक्षण किया गया है। इसमें पाया गया कि कई सीवरेज लाइनें ओवरफ्लो और वर्षा जल के दबाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इन लाइनों की तुरंत मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रदूषण की समस्या पर शीघ्र नियंत्रण पाया जा सके।