प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के विचारपुर गांव का जिक्र करते हुए वहां के खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी दी। उन्होंने बताया कि जर्मनी के एक फुटबॉल कोच ने शहडोल के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने की इच्छा व्यक्त की है, जिसके तहत जल्द ही चार खिलाड़ी जर्मनी की एक अकादमी में ट्रेनिंग के लिए भेजे जाएंगे।
अक्तूबर में ट्रेनिंग के लिए रवाना होंगे खिलाड़ी
मध्य प्रदेश सरकार ने इस पहल को तेजी से आगे बढ़ाया है। तय किया गया है कि शहडोल के चार युवा खिलाड़ी, दो बालक और दो बालिकाएं अक्तूबर में जर्मनी के लिए रवाना होंगे। खिलाड़ियों के साथ एक प्रशिक्षक भी भेजा जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी के नामों की घोषणा की जाएगी, और इस ट्रेनिंग का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
खिलाड़ियों और गांव में उत्साह का माहौल
इस पहल का पूरे क्षेत्र में उत्साहपूर्वक स्वागत किया जा रहा है। स्थानीय लोग इसे केवल खिलाड़ियों ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात मान रहे हैं। सहायक संचालक खेल और एनआईएस फुटबॉल कोच रईस अहमद ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में विचारपुर का नाम दोबारा लिया। उनके इस जिक्र की वजह से जानकारी जर्मनी तक पहुँची और अब हमारे खिलाड़ी वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर पाएंगे।
शहडोल के लोग मानते हैं कि यह अवसर यहां की फुटबॉल संस्कृति को नई दिशा देगा। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलेगी और भविष्य में इस क्षेत्र से और भी प्रतिभाएं उभरेंगी। प्रधानमंत्री द्वारा इस पहल का जिक्र इसे और भी खास बनाता है, क्योंकि इससे न केवल खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा है बल्कि पूरे समुदाय में गर्व और उम्मीद की भावना फैल गई है।
पॉडकास्ट ने खोली नई राह
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि हाल ही में उन्होंने विश्व प्रसिद्ध पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ बातचीत में विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों की मेहनत और संघर्ष की कहानी साझा की थी। इस पॉडकास्ट को सुनने के बाद जर्मनी के फुटबॉल कोच डायटमार बेयर्सडॉर्फर प्रभावित हुए और उन्होंने भारतीय दूतावास से संपर्क कर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा।
‘मिनी ब्राजील’ से ग्लोबल स्टेज तक
विचारपुर गांव को फुटबॉल के प्रति जुनून के चलते ‘मिनी ब्राजील’ कहा जाता है, जिसने हाल के वर्षों में खेल जगत में अपनी खास पहचान बनाई है। यहां के खिलाड़ी अपने समर्पण और मेहनत से न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ चुके हैं। अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।