इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन सड़क परियोजना में बड़ा परिवर्तन किया गया है। किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्णय लिया है कि अब यह मार्ग एलिवेटेड (ऊंचाई पर) नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर तैयार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से भूमि अधिग्रहण से जुड़ी व्यावहारिक समस्याएं कम होंगी और स्थानीय किसानों की आशंकाओं का समाधान हो सकेगा।
किसान प्रतिनिधियों से संवाद के बाद निर्णय
बुधवार शाम मुख्यमंत्री ने इंदौर और उज्जैन जिलों के विभिन्न गांवों से आए किसान प्रतिनिधियों से विस्तार से चर्चा की। किसानों ने परियोजना से जुड़ी चिंताओं और सुझावों को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। संवाद के बाद सरकार ने उनके सुझावों को स्वीकार करते हुए निर्माण पद्धति में बदलाव का फैसला लिया। किसान प्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत किया और इसे किसान हितैषी कदम बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
प्रभावित किसानों को मिलेगा उचित प्रतिकर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों की जमीन इस परियोजना से प्रभावित होगी, उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। शासन और प्रशासन इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि किसी भी किसान के साथ अन्याय न हो। सरकार का उद्देश्य विकास और किसान हितों के बीच संतुलन बनाते हुए परियोजना को आगे बढ़ाना है।
2935.15 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के माध्यम से लगभग 2935.15 करोड़ रुपये की लागत से यह फोर लेन मार्ग तैयार किया जाएगा। यह परियोजना इंदौर और उज्जैन जिलों के 28 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी और नई सुविधाएं प्रदान करेगी। योजना के तहत वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन-बदनावर मार्ग क्रॉसिंग पर बड़े जंक्शन बनाए जाएंगे। साथ ही, सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए प्रत्येक टोल प्लाजा पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
दुर्घटनाओं में कमी और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर-उज्जैन का पुराना मार्ग संकरा होने के कारण अतीत में कई दुर्घटनाएं होती रही हैं। नए फोर लेन मार्ग के निर्माण से यह समस्या काफी हद तक समाप्त होगी और यातायात अधिक सुरक्षित एवं तेज होगा। जानापाव सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए भी आवागमन सुगम बनेगा। 20 फरवरी को अनुबंध निष्पादन के बाद परियोजना की अन्य प्रक्रियाएं जारी हैं। आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए यह मार्ग बड़ी आबादी को लाभान्वित करेगा और प्रदेश की सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।










