प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। हाल ही में ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश के बाद अब अधिकांश जिलों में तेज धूप निकल आई है। आसमान साफ होने से तापमान में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल कोई सक्रिय सिस्टम मौजूद नहीं है, इसलिए दिन के तापमान में इजाफा हो रहा है। हालांकि यह स्थिति ज्यादा दिन नहीं रहेगी, क्योंकि 2 मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम दोबारा करवट ले सकता है।
28 जिलों में 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचा पारा
फरवरी के अंतिम दिनों में गर्मी का असर साफ दिखने लगा है। राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर समेत 28 जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। ग्वालियर और जबलपुर में भी दिन का तापमान 30 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। निमाड़ क्षेत्र में गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक रहा, जहां खंडवा और खरगोन में पारा 34 डिग्री के आसपास पहुंच गया। उज्जैन में 33.5 डिग्री तापमान दर्ज होने से दोपहर में लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ा।
रात में बरकरार ठंड, दोहरे मौसम की चुनौती
दिन में बढ़ती तपिश के बावजूद रात का मौसम अभी भी सर्द बना हुआ है। कटनी के करौंदी और शहडोल के कल्याणपुर क्षेत्र में न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं नर्मदापुरम में रात का तापमान 18.2 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान रहा। दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बदलाव सावधानी बरतने का संकेत है।










