मध्य प्रदेश

ठेकेदार को कोरोना से मिलवाओ

सुपर स्पेशिलिटी सेंटर पहुंचते ही सेहत महकमे के मुखिया मोहम्मद सुलेमान ने ठेकेदार से पूछा कि कब तक बनेगा अस्पताल। ठेकेदार बताने लगा तो सुलेमान नाराज होकर कहने लगे कि इसको कोरोना से मिलवाओ। 15 जून की तारीख दी थी, अभी तक काम अधूरा है। ये सुनकर चंद्रमौलि शुक्ला कुछ बोलने लगे, तो सुलेमान बोले कि उनको बोलने दो। ठेकेदार तपन सरदाना ने कहा कि 20 जून तक काम हो जाएगा, तो सुलेमान बोले- यही हालत रही तो छह महीने तक काम पूरा नहीं होगा।

administration at superspecialist hospital

मेडिकल कॉलेज की डीन ज्योति बिंदल बोलीं कि बिस्तर के लिए आर्डर दे दिए हैं, तो सुलेमान बोले कि कब आएगा सामान। 30 अप्रैल को जब बात हुई थी, तब क्यों नहीं दिया आर्डर, क्या मालूम नहीं था कि अस्पताल में फर्नीचर बनेगा, बिस्तर लगेंगे, ऐसे काम मत करो। तभी सांसद शंकर लालवानी आते हैं, तो सुलेमान कहते हैं अभी पहचान का बड़ा संकट है। शर्ट पर सांसद लिखवा लो, मुझे भी लिखवाना पड़ेगा मेरा नाम। बात फिर शुरू होती है और कमिश्नर आकाश त्रिपाठी से सुलेमान पूछते हैं कि क्या ये काम पूरा हो जाएगा।

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ज्योति बिंदल कहने लगीं कि सर अंदर चलकर अस्पताल देख लें। सुलेमान बोलते हैं कि मुझे तो काम पूरा होने की तारीख चाहिए, अस्पताल तो देख लेंगे, तभी कैलाश विजयवर्गीय आते हैं। कमांडो पहले उतर जाते हैं, तो सुलेमान कहते हैं कि कैलाशजी को इतनी सुरक्षा मिली है। विजयवर्गीय के आते ही हंसते हुए सुलेमान कहते हैं कि आपने दुपट्टा मुंह पर लगा लिया, ऐसे कैसे पहचानेंगे। विजयवर्गीय भी हंसते हुए जवाब देते हैं कि सबके यही हालात है। अस्पताल में अंदर जाकर पहली मंजिल पर हॉल देखा, ठेकेदार से पूछा कि ऑक्सीजन लाइन डल गई क्या। ठेकेदार बोला- हां, प्लांट का काम बाकी है। फिर चंद्रमौलि शुक्ला बोले- प्लांट के लिए अलग से बिल्डिंग पर छत डल गई है, दो-चार दिन में काम पूरा हो जाएगा।

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कैलाश विजयवर्गीय बोले- मेरी सीएम से बात हो गई है, वो 15 जून को उद्घाटन करने के लिए तैयार हैं। सुलेमान बोले कि भाई साहब अभी तो काफी काम बाकी है। इस पर विजयवर्गीय ने ठेकेदार पर नाराजगी जताई। फिर अफसरों से पूछने लगे कि क्या काम हो गया बताओ। 15 जून को अस्पताल शुरू करना है। कैसे भी काम पूरा करो।

सुलेमान ने ठेकेदार को से कहा कि क्यों तपन, क्या करोगे। ठेकेदार बोला कि हो जाएगा, कोशिश करता हूं। विजयवर्गीय फिर बोले- हो नहीं जाएगा, करना ही पड़ेगा। ठेकेदार बोला मजदूर सब चले गए थे। विजयवर्गीय बोले- हजार-दो हजार मजदूर दिला देता हूं। ठेकेदार बोला- अब तो आ गए हैं। सुलेमान ने प्रमुख सचिव संजय शुक्ला से कहा कि आज-कल तुम भोले हो गए हो, कड़क भाषा में ठेकेदार से रोज बात करो, उनका नंबर लिखो, रोज सुबह साढ़े आठ बजे फोन लगाओ। शुक्ला बोले- रोज बात करता हूं, सुलेमान बोलने लगे फिर क्या हुआ। शुक्ला बोले- रोज बोलने के कारण ही इतना काम हुआ। इतने में किसी ने पीछे से कहा कि तीन महीने पहले ही ये अस्पताल बन जाना था।

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विजयवर्गीय बोलने लगे- कुछ नहीं मालूम, कुछ भी करो, कहीं से भी सामान खरीदो, रात-दिन काम करो। 15 जून से अस्पताल शुरू होना चाहिए। सुलेमान, ठेकेदार से बोले- अरे दो सौ बिस्तर तो तैयार कर दो। शुक्ला बोले- सवा चार सौ बिस्तरों का अस्पताल है सर, सुलेमान बोले- अरे तो भाई आधे तो तैयार कर दो। ठेकेदार को फिर झिड़कते हुए सुलेमान बोले कि क्या सुन रहे हो। विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी के हिसाब से तैयारी करना हमको जरूरी है। तुम ऐसा करोगे तो फिर हमको शहर में जगह-जगह अस्पताल बनाना पड़ेंगे। सुलेमान और विजयवर्गीय ने हर मुद्दे पर बात की। कभी नाराज हुए, तो कभी हंसने लगे। आधे घंटे से ज्यादा देर तक ये सिलसिला चलता रहा। इसी बीच शंकर लालवानी कहीं चले गए, तो सुलेमान ने पूछा कि शंकर भैया कहां है, तो बताया कि वो चले गए हैं। फिर कैलाश विजयवर्गीय नीचे उतरने लगे, तब रमेश मेंदोला और आकाश विजयवर्गीय भी आ गए। सुलेमान ने कहा कि आकाश कैसे हो। तब विजयवर्गीय बोले- रमेश मेंदोलाजी ने अपना वजन कम कर लिया है।

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लॉक-डाउन का सही फायदा रमेशजी ने ही उठाया। मेरा तो वजन बढ़ गया, मैं चिंतित हूं। अस्पताल की पहली मंजिल से नीचे आते-आते कई बार कैलाश विजयवर्गीय ने बेटे आकाश को आगे करने की कोशिश की, पर वो उनके पीछे ही चलते रहे। जब नीचे मीडिया वालों ने बात करना चाही, तो आकाश को आगे कर दिया। आकाश ने अपने पिता को ही फिर आगे कर दिया। गाड़ी में बैठते-बैठते विजयवर्गीय ने आकाश विजयवर्गीय का बाकी अफसरों से परिचय कराया, वहां खड़े भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे से भी मिलवाया। उसके बाद फिर विजयवर्गीय बोले- 15 जून से अस्पताल शुरू करना है। इसके बाद सारे अफसर मेडिकल कॉलेज चले गए।

मौके से राजेश राठौर