रामायण के कुछ खास दोहे, जिससे पूरी होगी आपकी मनोकामनाएं

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हिन्दू धर्म के पवित्र ग्रंथों में से एक है रामचरित मानस जिसे तुलसीदास जी ने लिखा। श्रीरामचरित मानस अवधी भाषा में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा 16 वीं सदी में रचित एक महाकाव्य है। इस ग्रंथ में रामायण को अच्छी तरह से चौपाईयों के माध्यम से बताया गया है किस तरह राम का जीवन रहा, कैसे महापुरुष बनें इसीलिए रामचरित मानस की हर एक चौपाई का मंत्र सिद्ध है जिन्हें सच्चे मन से पढ़नें से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। ज्योतिष के अनुसार कुछ खास चौपाइयां ऐसी हैं, जिनसे मनचाही कामनाएं पूरी हो जाती हैं।

ऋद्धि सिद्ध की प्राप्ति के लिए
साधक नाम जपहिं लय लाएं।
होहि सिद्धि अनिमादिक पाएं।।

धन सम्पत्ति की प्राप्ति के लिए
जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं।
सुख सम्पत्ति नानाविधि पावहिं

परीक्षा में सफलता के लिए
जेहि पर कृपा करहिं जनुजानी।
कवि उर अजिर नचावहिं बानी।।
मोरि सुधारहिं सो सब भांती।
जासु कृपा नहिं कृपा अघाती।।

लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए
जिमि सरिता सागर मंहु जाही।
जद्यपि ताहि कामना नाहीं।।
तिमि सुख संपत्ति बिनहि बोलाएं।
धर्मशील पहिं जहि सुभाएं।।

सुख प्राप्ति के लिए
सुनहि विमुक्त बिरत अरू विबई।
लहहि भगति गति संपति नई।।

प्रेम वृद्धि के लिए
सब नर करहिं परस्पर प्रीती।
चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीती।।

दरिद्रता दूर करने के लिए
अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के ।
कामद धन दारिद्र दवारिके।।

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