घमासान @ 7PM : धर्मदर्शन में आज ले चलते है, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग से गाबा के चंद्रकेश्वर मंदिर तक

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भीमाशंकर: एक ज्योतिर्लिंग जहा कुंभकर्ण के पुत्र को मार कर स्थापित हुए थे भगवान शिव

भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों के बारे में आप जानते ही है। हर एक ज्योतिर्लिंग का अपना एक इतिहास है। आज हम देख रहे है भीमाशंकर, जो की बारह ज्योतिर्लिंगों में छ्टे स्थान पर है। यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे से लगभग 110 किमी दूर सह्याद्री नामक पर्वत पर स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना के पीछे कुंभकर्ण के पुत्र भीम की एक कथा प्रसिद्ध है।

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गया : एक राक्षस के कारण बना मोक्ष प्राप्ति का स्थान

हिन्दू लोग ‘गया’ को मोक्ष प्राप्ति का स्थान मानते है। बिहार की राजधानी पटना से करीब 104 किलोमीटर की दूरी पर बसा है गया जिला। बौद्ध धर्म के अनुयायी इसे महात्मा बुद्ध का ज्ञान क्षेत्र मानते हैं। इसलिए धार्मिक दृष्टि से गया न सिर्फ हिन्दूओं के लिए बल्कि बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए भी आदरणीय है। हिन्दू गया को मुक्तिक्षेत्र मानते है जबकि महात्मा बुद्ध का ज्ञान क्षेत्र मानते हैं।

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अमृतसर स्वर्ण मंदिर : एक मुस्लिम संत ने रखी थी इस गुरूद्वारे की नींव

स्वर्ण मंदिर जो गोल्डन टेम्पन से नाम से भी जाना जाता है यह धार्मिक स्थल न की सिर्फ बेहद खूबसूरत है, बल्कि इतिहास की नज़र से भी बहुत खास है। अमृतसर की सबसे खास और प्रसिद्ध जगहों में से एक है गुरुद्वारा हरमिंदर साहिब। यह गुरुद्वारा अपनी सुंदरता और धार्मिक एकता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। आज हम इस गोल्डन टेम्पल से जुडी कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बाते जानेंगे जो इसे और भी खास बनाती है

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चंद्रकेश्वर मंदिर- जहा भक्त करते है जलमग्न भोले की आराधना

चंद्रकेश्वर मंदिर आज हम भगवान शिव के एक ऐसे इकलौते मंदिर के बारे में बता रहे है जहां भगवान शिव सदैव जलमग्न रहते है। यह मंदिर देवास के चापड़ा में स्थित है। भोले के भक्त पानी के भीतर से ही उनकी आराधना करते हैं। इंदौर से 65 किमी दूर इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग से लगा हुआ है। मंदिर के चारों तरफ सतपुड़ा की पहाड़ियां और घना जंगल है।

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