सामान्य वर्ग के कर्मचारी हुए नाराज, प्रोमोशन के नए नियम पैदा करेंगे भेदभाव

सरकार के द्वारा जो नियम कर्मचारियों के लिए तैयार किए गए हैं, वह भेदभाव की स्थिति को साफ दिखा रहे हैं। क्योंकि शासकीय कार्यालयों में जातिवाद के कारण तनाव की स्थिति बनी रहेगी जो कि बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

कर्मचारियों के प्रमोशन के नए नियम से आप सामान्य वर्ग के कर्मचारी असंतुष्ट दिखाई दे रहे हैं। क्योंकि शिवराज सिंह चौहान के मंत्री समूह के निर्देश में प्रमोशन के नए नियम तैयार किए गए। जिसके बाद कर्मचारी बेहद नाराज है, कर्मचारियों का साफ कहना है कि सरकार के द्वारा जो नियम कर्मचारियों के लिए तैयार किए गए हैं, वह भेदभाव की स्थिति को साफ दिखा रहे हैं। क्योंकि शासकीय कार्यालयों में जातिवाद के कारण तनाव की स्थिति बनी रहेगी जो कि बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

सामान्य वर्ग के कर्मचारियों को जो आपत्ति है। उसको उन्होंने खुलकर बताई है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार जो कर रही है वह गलत है, यह समानता के सिद्धांत के विरुद्ध है और अन्याय पूर्ण है। क्योंकि आरक्षित वर्ग के पद उपलब्ध न होने पर अनुसूचित जाति- जनजाति एवं अनारक्षित वर्ग को मिलाकर जो संयुक्त सूची बनेगी उसमें से पदोन्नति दी जाएगी। जबकि आरक्षित वर्ग के पदों के लिए यदि लोक सेवा उपलब्ध नहीं होते हैं, तो पद रिक्त ही रखे जाएंगे। इसी बात को लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि शासकीय कार्यालयों में जातिवाद के कारण अब तनाव की स्थिति उत्पन्न होगी और यह भेदभाव को भी दर्शायेगा।

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हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि नए नियम बनाए जा सकते है। सरकार को इन इसका अधिकार है लेकिन इस पर कार्रवाई भी की जा सकती है। नए नियमों को लेकर कोई रोकटोक नहीं है, लेकिन इसको सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करना होगा।