फिश पेडीक्योर करवाने जा रहे हैं तो हो जाइए सावधान, रखें इन बातों का ध्यान

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fish pedicure

अपने हाथों और पैरों की सुंदरता बनाए रखने के लिए ज्यादातर लोग मैनीक्योर और पेडीक्योर कराते हैं। लेकिन अब एक नए तरह का पेडीक्योर चलन में आ गया है। इस पेडीक्योर को फिश पेडीक्योर के नाम से जाना जाता हैं। पेरों को खुबसूरत बनाने के कई सारे तरीके है लेकिन कभी-कभी यही तरीके आपको भारी पड़ जाते हैं।

पिछले कुछ महीनों मे फिश पेडीक्योर की संख्या बहुत ज्यादा है, आम तौर पर पेडीक्योर में मृत त्वचा निकालने के लिए रेजर का प्रयोग किया जाता है जबकि फिश पेडीक्योर में यह काम फिश करती है। आपको बता दें, मछली पेडीक्योर जितना फायदेमंद हो सकता है उतना ही घातक भी हैं, ये मछलियां आपको क्या नुकसान पहुंचा सकती हैं इसके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होगा।

फिश पेडीक्योर से इस महिला को कटवाने पड़े पैर –

एक महिला कुछ ऐसा ही करवाने गई थी लेकिन उसके साथ ऐसा हो गया कि जिसे देखकर आप भी चौंक जायेंगे। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया करथाइस को ‘फिश स्पा’ से सफाई कराना भारी पड़ गया। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ‘फिश स्पा’ कराने से उन्हें अपनी उंगलियां हमेशा के लिए गवानी पड़ जाएंगी। दरअसल करथाइस साल 2010 में थाईलैंड गई थी। वहां पर उन्होंने फिश कराया था। थाइलैंड से लौटने के कुछ दिनों बाद ही उन्हें पैरों की अंगुली में इंफेक्शन हो गया।

इसके ट्रीटमेंट के लिए जब वह डॉक्टर के पास गई तो उसे पैर की सभी उंगलियां कटवानी पड़ी। उनके पैर के नाखून टूटते और अलग होते जा रहे थे तो उन्होंने डॉक्टर को दिखाया और डॉक्टर ने बताया कि यह फिश पेडीक्योर करवाने के कारण से ही हुआ है। अगर आप फिश पेडिक्योर कराने के बारे में सोच रहे हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि आपके पैर से डेड स्किन निकालते समय यह मछलियां एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रामक रोग फैला सकती हैं।

रखें इन बातों का ध्यान –
कई बार फिश स्पा में पानी नहीं बदला जाता है, एक इन्सान के इस्तेमाल के बाद दूसरे के लिए भी वही पानी रहता है। ऐसे में, जब एचआईवी, एड्स पीड़ित या हेपेटाइटिस सी के लोग स्पा में आते हैं और ये स्पा करवाते है उस समय अगर उनके पैर पर कोई जख्म हो तो मछलियां इन जख्मों को भी कुरेद देती है। कुरेदे गए जख्म से खून का रिसाव होता है और ये खून फिश स्पा के पानी में मिल जाता है जिससे इन्फेक्शन फेलने का डर रहता है। अगर आप फिश स्पा करवाने जा रहे है तो पहले पूछ ले की फिश पॉट का पानी फ्रेश है या नहीं।

इन लोगों को जाने से बचना चाहिए-
जिन लोगों को डायबिटीज और सोरोसिस है, उन्हें फिश स्पा करवाने जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है। यानी जिनके शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता नहीं है या वो जो बार-बार बीमार पड़ते हैं, उन्हें फिश स्पा जाने से बचना चाहिए।

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