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महिलओं के हाथ में दिग्गजों की किस्मत | Fate of the Giants in the hands of Women

Posted on: 11 May 2019 16:55 by Parikshit Yadav
महिलओं के हाथ में दिग्गजों की किस्मत | Fate of the Giants in the hands of Women

लखनऊ। लोकसभा चुनाव में महिलाओं को मौका देने में किसी भी सियासी दल ने दिलचस्पी नहीं दिखाई है, लेकिन कई सीटों पर सियासी दलों और उनके दिग्गज चेहरों की किस्मत महिला वोटर ही तय करती दिखाई दे रही हैं। अब तक पांच चरणों के लिए मतदान हो चुका है। इनमें 40 फीसदी से अधिक सीटों पर महिलाओं का वोट प्रतिशत पुरुषों की अपेक्षा अधिक है। इसमें राहुल-सोनिया से लेकर आजम खां तक की सीटें शामिल हैं। अब तक की वोटिंग के आंकड़े बताते हैं कि 2014 के अपेक्षा इस बार मतदान प्रतिशत में न तो कोई उत्साह जनक उछाल है और न ही बड़ी गिरावट। ऐसे में वोटरों का मूड क्या है, यह भांपना मुश्किल हो रहा है। यूपी की सीधी दिख रही सियासी लड़ाई में महिला वोटरों की प्रभावी भागीदारी ने विश्लेषकों को एक बार फिर मंथन पर मजबूर कर दिया है। अब तक जिन 53 सीटों पर वोटिंग हुई है, उसमें 14 सीटों पर महिलाओं की वोटिंग का प्रतिशत पुरुषों की अपेक्षा अधिक है, वहीं 8 सीटों पर दोनों की वोटिंग का आंकड़ा लगभग बराबर है।

 

वोटिंग प्रतिशत का गणित

वोटिंग के आंकड़े खंगालें तो महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के ट्रेंड वेस्ट यूपी से लेकर अवध और बुंदेलखंड तक नजर आ रहे हैं। मुस्लिम बहुल लोकसभा सीटों बिजनौर, नगीना, अमरोहा, बुलंदशहर से लेकर रामपुर तक में महिलाओं ने अधिक वोटिंग की है। नगीना में तो महिला तथा पुरुष वोटरों के वोटिंग प्रतिशत में 6 फीसदी का अंतर है। रामपुर से समाजवादी पार्टी के आजम खां के मुकाबले बीजेपी ने जयाप्रदा को उतारा है। इस सीटों पर दोनों ही उम्मीदवारों ने एक-दूसरे पर जम कर व्यक्तिगत हमले किए थे। भावनात्मक अभियान भी दोनों उम्मीदवारों ने खूब चलाए थे। कैराना, मुजफ्फरनगर में महिला-पुरुष की वोटिंग का अनुपात लगभग बराबर है।

 

अवध-बुंदेलखंड में भागीदारी

अवध और बुंदेलखंड की सीटों पर भी महिलाओं ने वोटिंग प्रतिशत में पुरुषों को पछाड़ा है। मसलन, अमेठी और रायबरेली में भी महिलाएं, पुरुषों के मुकाबले अधिक घर से निकली हैं। अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ स्मृति ईरानी उम्मीदवार हैं। हिंदुत्व की सियासत का सेंटर पाइंट अयोध्या को समेटने वाली फैजाबाद सीट हो या बुंदेलखंड की बांदा, फतेहपुर, हमीरपुर जैसी लोकसभा, महिलाओं का वोटिंग प्रतिशत पुरुषों को पीछे छोड़ रहा है। यादव बेल्ट की सीटों कन्नौज और इटावा में भी महिला-पुरुष के वोटिंग का आंकड़ा लगभग बराबर ही है। बांगरमऊ के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप के आरोपों के चलते चर्चित हुई उन्नाव लोकसभा में महिलाओं ने वोट प्रतिशत में पुरुषों की बराबरी की है।

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