Breaking News

नेशनल एससी-एसटी हब का बजट 5000 करोड़ किये जाने की मांग

Posted on: 28 Apr 2019 18:47 by Surbhi Bhawsar
नेशनल एससी-एसटी हब का बजट 5000 करोड़ किये जाने की मांग

केंद्र सरकार की नेशनल एससी-एसटी हब योजना जिसका बजट 490 करोड़ रूपये था को 10 गुना बढाकर 5000 करोड़ करने की मांग गौतम बुध्धा एजुकेशन एवं सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष श्री नीरज राठौर ने की है.

श्री राठौर ने बताया की केंद्र सरकार ने पंजाब के लुधियाना में अनुसूचित जाति और जनजाति (एससी-एसटी) कम्युनिटी के एंटरप्रेन्योर्स की सहायता के लिए नेशनल एससी-एसटी हब 2016 में लॉन्च किया था. इसकी शुरुआत 490 करोड़ रुपए के बजट से की गई थी. ये बजट पर्याप्त नहीं है क्योकि देश में एससी-एसटी समुदाय की आबादी 25 करोड़ है.

ब्रिटेन के विश्वविद्यालय से बिजनेस में मास्टर डिग्री होल्डर श्री राठौर ने आगे कहा की योजना से एससी-एसटी एंटरप्रेन्योर्स को बाजारों तक पहुंच व संपर्क बढ़ाने, मॉनिटरिंग, कैपेसिटी बिल्डिंग, फाइनेंशियल मदद से जुड़ी स्कीम्स का लाभ उठाने और अपने उद्योग में सबसे अच्छी प्रक्रियाओं को साझा करने में मदद मिलने की आशा थी. लेकिन कम बजट से समस्याए आई.

यह हब पब्लिक सेक्टर के उपक्रमों (सीपीएसई) को छोटे उद्योगों से न्यूनतम खरीद के लिए सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम बनाने का प्लान था अभी एमएसएमई सेक्टर की जीडीपी में है 38 फीसदी हिस्सेदारी है और एससी-एसटी की भागीदारी बढाने के लिए 490 करोड़ का बजट पर्याप्त नही है.

एमएसएमई सेक्टर भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए अहम है, जिसकी देश के ग्रॉस डॉमेस्टिक प्रोडक्ट (जीडीपी) में लगभग 38 फीसदी हिस्सेदारी है और इसमें लगभग 11 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इसमें कितने एससी-एसटी है इसका सर्वे होना चाहिए.

आपने योजना तो अच्छी चालू की लेकिन इतना बड़ा देश एवं एससी-एसटी की विशाल आबादी को देखते हुए इसका बजट 10 गुना बढाकर 5000 करोड़ रूपये करने का कष्ट करे जिसके पोजिटिव आउटकम आवेंगे.

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com