अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत और चीन कै सैनिकों के बीच झड़प का मसला आज संसद में भी गूंजा और विपक्ष ने चर्चा की मांग को लेकर हंगामा किया। इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तवांग झड़प को लेकर लोकसभा में बयान दिया और कहा कि भारतीय सेना ने चीन की घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब दिया है। राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि हमारे जवानों ने बहादुरी से चीनी सैनिकों का सामना किया और वहां से खदेड़ दिया। उन्होंने संसद में बयान देते हुए कहा कि हमारे जवानों में कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है और न ही कोई शहीद हुआ है। उन्होंने कहा भारतीय सेना के जवान बहादुरी से देश सेवा में डटे हुए हैं।

तवांग झड़प पर जवाब देते हुए लोकसभा में राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन ने एलएसी की यथास्थिति को बदलने की कोशिश की, जिसका भारतीय जवानों ने बहादुरी से मुकाबला किया और चीन की सेना को वापस अपनी पोस्ट पर जाने को मजबूर किया। बता दें कि अब राजनाथ सिंह दोपहर करीब 2 बजे राज्यसभा में बयान देंगे।

Also Read – तवांग झड़प पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की अहम बैठक, अब संसद के दोनों सदनों में गूंजेगा तवांग का मुद्दा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा कि 9 दिसंबर की घटना के बाद स्थानीय कमांडर ने 11 दिसंबर 2022 को अपने चीनी समकक्ष के साथ स्थापित व्यवस्था के तहत एक फ्लैग मीटिंग की और इस घटना पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से चीनी पक्ष को इस तरह के एक्शन के लिए मना किया गया और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कहा गया। इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सेनाएं हमारी भौमिक अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इसके खिलाफ किसी भी प्रयास को रोकने के लिए सदैव तत्पर हैं। मुझे विश्वास है कि यह सदन हमारी सेनाओं की वीरता और साहस को एक स्वर से समर्थन देगा।

गौरतलब है कि इस मुद्दे पर आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में एनएसएस अजीत डोभाल और सीडीएस भी सम्मिलित रहे। बताया गया कि एनएसए और सीडीएस ने राजनाथ सिंह को एलएसी पर सुरक्षा स्थिति से अवगत कराया है। बैठक के बाद राजनाथ सिंह के घर से अजीत डोभाल के अलावा, गृह सचिव को भी बाहर निकलते देखा गया।

भारतीय सेना के अनुसार , भारतीय और चीनी सैनिकों की अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के समीप एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई, जिसमें ‘दोनों पक्षों के कुछ जवान साधारण रूप से घायल हो गए।’ पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध के बीच पिछले शुक्रवार को संवेदनशील क्षेत्र में एलएसी पर यांग्त्से के पास मुठभेड़ हुई।