फ्रेंचाइजी दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले 3 आरोपियों के विरुद्ध क्राइम ब्रांच ने की कार्यवाही

क्राइम ब्रांच इंदौर में आवेदक द्वारा धोखा धडी संबंधी शिकायत की थी। जिसकी जांच पुलिस उपायुक्त (अपराध) निमिष अग्रवाल के निर्देशन में फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन सेल से कराई गई और आवेदक से फ्राड की संपूर्ण जानकारी लेकर जांच की गई,

Indore Crime Branch
Indore Crime Branch

इंदौर: पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर हरिनारायणचारी मिश्र व्दारा इंदौर कमिश्नरेट में लोगों से छलकपट कर अवैध लाभ अर्जित करते हुये आर्थिक ठगी करने वाले आरपियों की पहचान कर विधिसंगत कार्यवाही करते हुये उनकी धरपकड़ करने हेतु निर्देशित किया गया हैं। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त(क्राइम) राजेश हिंगणकर के मार्गदर्शन में पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) निमिष अग्रवाल एवं अतिरिक्त पुलिस उप आयुक्त (क्राईम ब्राँच) गुरू प्रसाद पाराशर द्वारा ऑनलाईन ठगी एवं सोशल मीडिया संबंधी अपराधो की रोकथाम हेतु क्राइम ब्रांच फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीमों को लगाया गया है ।

Must Read- चुनाव से पहले कांग्रेस में बगावत की आहट, वचन पत्र लिखवाने को मजबूर हुए कमलनाथ

इसी कड़ी में क्राइम ब्रांच इंदौर में आवेदक द्वारा धोखा धडी संबंधी शिकायत की थी। जिसकी जांच पुलिस उपायुक्त (अपराध) निमिष अग्रवाल के निर्देशन में फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन सेल से कराई गई और आवेदक से फ्राड की संपूर्ण जानकारी लेकर जांच की गई, जिसमे ज्ञात हुआ कि आवेदक को Green Mart Shoppe कंपनी की फर्जी डीलरशीप फ्रेंचाइजी दिलवाने एवं उसके प्रोडक्ट को खरीदने के लिए कस्टमर उपलब्ध करवाने का बोलकर आवेदक से 15,600/– रू लेकर थोड़े हेल्थ प्रोडक्ट भेजे परंतु उनकी कॉस्ट फरियादी के द्वारा दिए गए पैसे से बहुत कम थे , उसके बाद से आवेदक झूठ बोलकर की कंपनी की पॉलिसी है आपको 12,948 रू एवं 13,000 रू और देना होगा जो आपको 5 घंटे में वापस प्राप्त हो जाएंगे। फरियादी से आरोपियों द्वारा विश्वास कर कुल 41,548/– रू प्राप्त कर, न तो प्रोडक्ट दिए, न कस्टमर लिस्ट भेजी और न ही आवेदक के पैसे वापस किए और आवेदक के साथ ठगी की गई।

जिस पर क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा आवेदक से फर्जी कंपनी के बैंक खाते व अन्य जानकारी लेकर जांच करते पाया की आरोपियों के द्वारा एमजी रोड स्थित के 304 रॉयल रतन अपार्टमेंट में संचालित Green Mart Shoppe कंपनी के नाम से कॉल के द्वारा ग्राहकों से संपर्क कर उन्हे अपने घर के आस–पास के एरिया में बिजनेस कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने एवं प्रोडक्ट भी कंपनी के कस्टमर को बेचने का बोलकर उनको प्रत्येक प्रोडक्ट डिलीवरी पर एक्स्ट्रा प्रॉफिट होकर एवं प्रोडक्ट कस्टमर देने के नाम पर झूठे विश्वास में लेकर कई आवेदकों से रुपए ऑनलाइन पेमेंट अपने अकाउंट में करवाकर उन्हें कस्टमर एवं प्रोडक्ट्स नहीं भेजते हुए ठगी करना पाया ।

Must Read- ऑल इंडिया स्मार्ट सिटी रैंकिंग में इंदौर फिर प्रथम स्थान पर

एवं आरोपियों में एक शातिर आरोपी कपिल करडीले के द्वारा वर्ष 2020 में भी आरोग्यांजली नामक फर्जी कंपनी के नाम से कूटरचित दस्तावेज बनाकर लोगो को डीलरशिप फ्रेंचाइजी देने के नाम से लाखो रुपए की ठगी की थी जिस पर थाना क्राइम ब्रांच में आरोपियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही की जा चुकी है जिसमे आरोपी के द्वारा जेल से जमानत पर छूटने के बाद पुनः धोखा–धडी करना शुरू किया था जिसे दोबारा क्राइम ब्रांच टीम द्वारा गिरफ्तार किया।

एवं क्राइम ब्रांच टीम द्वारा कार्यवाही कर आरोपियों (1).कपिल करडीले पिता दत्तात्रे राव निवासी आई 158 एलआईजी कॉलोनी इंदौर(2).दीपिका पिता नाथूराम सिंह झिझोलिया निवासी नेहरू नगर गली नं 7 डीआईडीडांस अकैडमी, एमआईजी कॉलोनी इंदौर (3).श्रद्धा साहनी पिता ईश्वर साहनी निवासी गली नं 07 नेहरू नगर, एमआईजी कॉलोनी इंदौर के विरुद्ध थाना अपराध शाखा में धारा 420, 406, 409, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।