अदालत ने स्वतः संज्ञान लेकर पत्रकार को दी जमानत

लिस अफसर अरिंदम रॉय के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की एक टीम ने स्थानीय अखबार और गुवाहाटी स्थित न्यूज वेबसाइट से जुड़े 30 वर्षीय निताई डे को मंगलवार को उस समय गिरफ्तार कर लिया था, जब वह एक पेट्रोल पंप पर कतार में खड़े लोगों से बातचीत का वीडियो बना रहे थे।

दिल्ली। पेट्रोल पंप पर कतार में खड़े लोगों से बातचीत का वीडियो बना रहे पत्रकार की गिरफ्तारी में नया मोड़ आया है।त्रिपुरा की एक अदालत ने स्थानीय पत्रकार निताई डे (Nitai Dey) की गिरफ्तारी के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए उन्हें जमानत दे दी है।

त्रिपुरा के पत्रकार इस गिरफ्तारी का विरोध करते हुए इसे प्रताड़ना बताकर आंदोलन कर रहे थे। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक से अगले तीन दिनों के भीतर मामले की जांच करने और रिपोर्ट जमा करने के लिए भी कहा है। जांच रिपोर्ट जमा होने के बाद अदालत आगे की कार्रवाई तय करेगी।

मालूम हो कि पुलिस अफसर अरिंदम रॉय के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की एक टीम ने स्थानीय अखबार और गुवाहाटी स्थित न्यूज वेबसाइट से जुड़े 30 वर्षीय निताई डे को मंगलवार को उस समय गिरफ्तार कर लिया था, जब वह एक पेट्रोल पंप पर कतार में खड़े लोगों से बातचीत का वीडियो बना रहे थे।

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अपनी गिरफ्तारी के बाद डे ने बाद में पूर्वी अगरतला पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में निताई डे ने आरोप लगाया था कि गिरफ्तार करने के बाद पुलिसकर्मियों ने हिरासत में उनके साथ मारपीट की। यही नहीं, उन्हें शराब पीने के लिए भी मजबूर किया गया, ताकि मेडिकल परीक्षण में यह साबित हो सके कि वह नशे में थे।

अधिवक्ता अरिंदम भट्टाचार्जी के अनुसार, निताई डे को त्रिपुरा पुलिस अधिनियम की धारा 90 के तहत गिरफ्तार किया गया था, जिसका अर्थ है कि उसने कथित रूप से उपद्रव किया। भट्टाचार्जी के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) ए चौधरी ने पुलिस अग्रेषण के आधार पर मामले का स्वत: संज्ञान लिया, जहां उन्होंने इसे जमानती धारा के तहत दर्ज मामला माना और जमानत दे दी।