देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों में में ठंडक ने एक फिर से दस्तक दे दी है। मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन की वजह से ऐसे हालात बन रहे हैं। वही भारत के कुछ इलाकों में भारी बारिश का कहर जारी है। इसी के साथ कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी के आसार भी बने हुए हैं। हालांकि इससे पहले चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण पूर्व और उत्तरी केरल और कर्नाटक तट पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र निर्मित हुआ है।

अरब सागर में बन रहे ये हालात

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर केरल और कर्नाटक के तटों से पूर्व मध्य और आसपास के दक्षिण पूर्व अरब सागर पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। दिसंबर के दौरान अरब सागर में अधिकांश मौसम प्रणालियों का उद्गम बंगाल की खाड़ी के ऊपर होता है। यह कम दबाव दिसंबर के पहले सप्ताह के दौरान खाड़ी के ऊपर बने चक्रवात मंडस का अवशेष है। इस बीच, मध्य क्षोभमंडल स्तरों में दक्षिण अंडमान सागर और इससे सटे मलक्का जलडमरूमध्य और सुमात्रा पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश

दिल्ली में ठंड बढ़ने का सिलसिला जारी किया गया है जबकि दक्षिण के राज्य में बारिश जारी रहेगी। मध्य अरब सागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र निर्मित हो रहा है, जिसके जल्द ही तीव्र होने की संभावना नजर आ रही है। इसके तीव्र होते फिर से दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश का कहर देखने को मिलेगा। हालांकि इससे पहले चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण पूर्व और उत्तरी केरल और कर्नाटक तट पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र निर्मित हुआ है।

कल मौसम रहेगा डिप्रेशन

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक आसपास के दक्षिण पूर्व अरब सागर पर एक लो प्रेशर का क्षेत्र निर्मित हुआ है। जिसके भारत के तट से पश्चिम उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना जताई गई है। 14 दिसंबर की सुबह तक आसपास के दक्षिणी पूर्व सागर पर एक कम दबाव का क्षेत्र निर्मित होगा। 15 दिसंबर की सुबह तक इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना बनी हुई है।

मछुवारे के लिए रेड अलर्ट 

जिसे कारण तमिलनाडु केरल कर्नाटक रायलसीमा शहीद मध्य महाराष्ट्र में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया। इसके साथ ही तीव्र हवाएं चलेगी। मछुआरे को तट से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

एक साइक्लोनिक सरकुलेशन तैयार

इसके अलावा मध्य क्षोभ मंडल स्तर से दक्षिण सागर और इससे सटे सुमात्रा पर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन तैयार हुआ है। 15 दिसंबर को निकोबार दीप समूह में भारी बारिश के साथ काफी भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। श्रीलंका की और पश्चिम की तरफ बढ़ने की भविष्यवाणी के साथ ही 18 दिसंबर को तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के तट पर भारी बारिश देखने को मिलेगी।

उत्तर भारत में शीतलहर का येलो अलर्ट

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई राज्यों के तापमान में वृद्धि देखने को मिल रही है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ धीरे-धीरे अपनी समाप्ति की दिशा में आगे बढ रहा है। ऐसे भी पश्चिमी विक्षोभ के समाप्त होते ही एक बार फिर से राजधानी दिल्ली सहित हिमाचल उत्तराखंड, पंजाब ,हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में भारी गिरावट देखने को मिलेगी।

MP-CG के कुछ हिस्से में बूंदाबादी

इधर मध्य भारत में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मध्यप्रदेश में मावठ गिरने की संभावना जताई गई है। ऐसे में मध्य प्रदेश के 12 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। आज और कल प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है जबकि छत्तीसगढ़ में भी मौसम बदला बदला रहेगा। आसमान में बादल छाए रहेंगे। सुबह और शाम कोहरा नजर आ सकता है।

इन राज्यों में चक्रवाती तूफान का दिखेगा असर

मौसम विभाग की माने तो चक्रवाती तूफान मैंडूस के कारण कई राज्यों में बारिश जारी रहने के आसार जताए गए हैं। दक्षिण राज्य में बारिश का सिलसिला जारी है। वहीं पहाड़ों पर से आ रही बर्फीली हवा के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाके में भी तापमान में गिरावट देखी जा रही। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली सहित राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड में तापमान में गिरावट देखी जाएगी। दिसंबर के तीसरे सप्ताह में 3 राज्यों में शीतलहर का भी अलर्ट जारी किया गया है।

अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वी राज्य में बारिश और कोहरे का अलर्ट

असम मेघालय मणिपुर नागालैंड आदि में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। बर्फबारी के कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। वहीं असम में मौसम के और अधिक खराब होने की संभावना जताई गई है। मेघालय असम आदि राज्यों में लोगों को सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अरुणाचल प्रदेश में भी बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया गया है। 13 दिसंबर के बाद असम, मेघालय अरुणाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में कोहरा छाए रहेगा।

पर्वतीय राज्य पर बर्फबारी

पर्वतीय राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड के पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी देखने को मिल रही है। अगले कुछ दिनों तक लद्दाख जम्मू कश्मीर हिमाचल, उत्तराखंड, मुजफ्फराबाद पाकिस्तान, गिलगित में बर्फबारी के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।