बारिश में फैलता हैं हैजा, खतरा होने से पहले जानें लक्षण और बचाव

हैजा, आंतों में इंफेक्शन होने वाली गंभीर बिमारी है।

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बारिश की शुरवात हो चुकी हैं और बारिश का मौसम ठंडक के साथ ही कई बीमारियाँ को भी लेकर आता हैं। लेकिन हैजा, आंतों में इंफेक्शन होने वाली गंभीर बिमारी है। आमतौर पर इस बिमारी की शुरुआत उल्टी या दस्त से होती है और आँतों में सूजन आने लगती है। खासकर यह बीमारी बारिश के दिनों में बच्चों में ज्यादा फैलती है। अगर इसका समय रहते इलाज ना हो तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती हैं। ये बीमारी विब्रिओ कॉलेरी नामक बैक्टीरिया से होती हैं और इसमें आंतों में इंफेक्शन फैलने लगता हैं। इस बीमारी से बचने के लिए इसके लक्षणों, कारण और उपचार के बारें में जानें।

ऐसे फैलता हैं हैजा –

बहार का खाना और पानी पीने से हैजा फैलता हैं। इनसे हैजा के बैक्टेरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। हैजा, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, किसी में भी हो सकता है। गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों में भी इस रोग के होने की आशंका ज्यादा रहती है क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। हैजा का इंफेक्शन होने पर 3 से 6 घंटे में रोगी को बार-बार उल्टियां व दस्त लगने लगते हैं। कोई इलाज ना लेने पर धीरे-धीरे यह समस्या घातक रूप ले लेती है और रोगी का ब्लड प्रेशर कम होन लगता है।

हैजा के कारण –

  • दूषित पानी पीना, दूषित और खुले खाद्य पदार्थों का सेवन करना होता है।
  • कच्चा और अधपका खाना खाना।
  • गंदे पानी की बर्फ का सेवन करना।
  • गंदगी वाली जगह पर उगाई गई फल और सब्जियों को खाने से हैजा होने का खतरा बढ़ जाता है।

हैजा के लक्षण –

  • उल्टी और दस्त होना।
  • बेहोशी रहना, यूरिन कम आना।
  • यूरिन का पीले रंग का आना।
  • हाथ-पैरों का ठंडा रहना।
  • घबराहट महसूस करना, याद रखें हैजे की बीमारी में बुखार नहीं होता है।

हैजा के उपचार –

  • रोगी का समय पर इलाज करके मौत के मुँह से बचाया जा सकता है।
  • चिकित्सक के परामर्श के अनुसार रोगी को उचित दवाइयाँ देनी चाहिये तथा साथ ही उनके सुझाये अनुसार उचित खाद्य सामग्री देनी चाहिये।
  • रोगी व्यक्ति को ओ.आर.एस. का घोल मुँह के द्वारा बार-बार देना चाहिये।
  • हैजा की शिकायत होने पर सबसे पहले डॉक्टर की सलाह पर ही एंटीबॉयोटिक्स दवा का सेवन करें।
  • हैजा होने पर मरीज को ओ आर एस का घोल या नमक-चीनी के घोल का सेवन करें।
  • दूषित,कच्चा और खुला हुआ खाना खाने से बचें।
  • हमेशा पानी को उबालकर ठंडा करके ही पीएं।
  • हैजा संबंधी वैक्सीन यानि टीकाकरण करवाएं।

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