देश में आतंकवाद को रोकने के लिए एक बार फिर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) एक्शन में दिखी। एजेंसी ने देश के 14 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की कार्यवाही की। इसमें दौरान कई अहम सबूत हाथ लगें है। मिली जानकारी के मुताबिक, ये कार्यवाही पंजाब, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली के इलाकों में की गई है। एनआईए ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल, इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के अलावा अन्य खालिस्तानी आतंकी संगठनों के सदस्यों के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े सबूत

इस छापेमारी के दौरान एनआईए को अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं। जिसमें देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े सबूत भी हैं। इनके जरिए पंजाब को दहलाने की बड़ी साजिश रचने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी। इसमें इंटरनेशनल बॉर्डर के पार आतंकवादी हार्डवेयर जैसे, हथियार, गोला बारूद, विस्फोटक, आईईडी आदि की स्मगलिंग भी शामिल है। इस हार्डवेयर को आतंकवादी संगठनों के सदस्यों और गुर्गों तक पहुंचाया जाता था और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था। इसमें टारगेट किलिंग भी शामिल है।

आतंकवादियों को पैसा और हथियार सप्लाई किए

एनआईए के मुताबिक, इन आतंकवादियों और गैंग्सटर्स को हथियार और पैसा सप्लाई किया जाता था, जिसके बाद इस नेक्सस में शामिल आतंकी और गैंग्सटर्स देश के अलग-अलग हिस्सों में खतरनाक वारदातों को अंजाम दिया करते थे। इतना ही नहीं ये लोग देश के कई हिस्सों में टारगेट किलिंग के साथ-साथ कई जगहों पर बम धमाके की साजिश भी रच रहे थे। इस मामले को एनआईए ने 20 अगस्त 2022 को दर्ज किया था. फिलहाल, इसको लेकर एजेंसी जांच कर रही है।

जम्मू-कश्मीर में भी छापेमारी

एनआईए ने इसके साथ नार्को-टेररिज्म के खिलाफ कार्रवाई के तहत जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सरताज सिंह नामक तस्कर के ठिकानों पर छापा मारा। सरताज सिंह कठुआ का ही रहने वाला है और पहले भी टेरर फंडिंग मामले में इसका नाम रहा है। पुलिस का कहना है कि सरताज सिंह पाकिस्तान में ड्रग्स लेन-देन का काम करता है। पुलिस को पहले भी उसकी शिकायत मिली थी कई बार उससे पूछताछ भी की जा चुकी है।