सरकार का आर्थिक मंदी पर प्रहार, इन घोषणाओं से बाजार में लौट सकती है रौनक

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मुंबई। देश में जारी आर्थिक मंदी को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा शुक्रवार को की गयी वित्तीय घोषणाओं के चलते आने वाले सप्ताह में शेयर बाजार में रौनक लौट सकती है।

गौरतलब है कि देश में आर्थिक सुस्ती का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला था। जिस वजह से बीते गत सप्ताह सेंसेक्स 649.17 अंक यानी 1.74 प्रतिशत टूटकर सप्ताहांत पर 36,701.16 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 218.45 अंक यानी 1.98 प्रतिशत की गिरावट में शुक्रवार को 10,829.35 अंक पर आ गया था। इसके अलावा मझौली और छोटी कंपनियों में भी निवेशकों ने बिकवाली की और बीएसई का मिडकैप 2.14 प्रतिशत तथा स्मॉलकैप 3.17 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट में रहा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को विदेशी और घरेलू निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी। इससे बजट के बाद से ही मुख्य रूप से बिकवाल बने रहे विदेशी संस्थागत निवेशकों की विश्वास वापस लौटाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि घरेलू निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों पर पडने वाले अतिरिक्त बोझ को वापस लिया जा रहा है। इसके तहत दीर्घकालिक या अल्पकालिक पूंजीगत लाभ पर वर्ष 2018-19 के लिए जारी कर व्यवस्था ही प्रभावी होगी। हांलाकि इस फैसले से सरकार के राजस्व में 1400 करोड़ रुपये की कमी आयेगी।

बता दे कि जीडीपी में में करीब 50 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले ऑटो सेक्टर में भी पिछले एक साल से जारी मंदी को देखते हुये इस क्षेत्र के लिए भी वित्त मंत्री द्वारा घोषणाएं की गई थी। अगले साल 1 अप्रैल से नयी व्यवस्था यानी बीएस-6 के लागू होने के मद्देनजर ग्राहकों के मन में बीएस-4 वाहनों को लेकर जो आशंकायें थीं उन्हें दूर करते हुये सीतारमण ने कहा कि 31 मार्च 2020 तक खरीदे गये सभी बीएस-4 वाहन पूर्ण पंजीयन अवधि तक के लिए वैध रहेंगे।

इसके साथ ही वाहनों के पंजीयन पर लगने वाले एक मुश्त शुल्क की होने वाली समीक्षा को 31 मार्च 2020 तक के लिए टाल दिया गया है। अब से लेकर 31 मार्च 2020 तक खरीदे जाने वाले वाहनों पर मूल्य में कमी से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए इस कमी को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार पुराने वाहनों के स्थान पर नये वाहन खरीदने पर लगी रोक को हटायेगी और पुराने वाहनों के लिए स्क्रैप नीति लाने के साथ ही विभिन्न उपायों पर भी विचार करेगी।
इन सभी घोषणाओं से अगले सप्ताह बाजार में लिवाली का जोर रहने की पूरी उम्मीद है। इसके अलावा शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े भी शुक्रवार शाम जारी होने हैं। निवेशकों की नजर इस महत्त्वपूर्ण आंकड़े पर भी होगी।

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