गुजरात इलेक्शन में बीजेपी के टिकट डिस्ट्रीब्यूशन के नए सूत्रों के बाद अब मध्यप्रदेश में भी अब नीचे से लेकर ऊपर तक बदलाव की मांग बढ़ने लगी है. ये मांग बीजेपी के लिए समस्या खड़ी करने वाले विधायक नारायण त्रिपाठी ने उठाई है. विधायक त्रिपाठी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्ढा को लेटर लिखकर (narayan tripathi wrote letter) प्रदेश में गुजरात सूत्रों पर टिकट वितरण की मांग की है और पार्टी में बदलाव की मांग भी रख दी हैं.

नारायण त्रिपाठी ने लिखा पत्र

नारायण त्रिपाठी ने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को लेटर लिखा और कहा कि गुजरात में पार्टी की लाजवाब व ऐतिहासिक जीत के लिए आप को बहुत बहुत बधाइयां। साथ ही नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि मध्यप्रदेश में हमारे जैसे छोटे कार्यकर्ता जो कि पार्टी के हमेशा से शुभचिंतक हैं और चाहते हैं कि प्रदेश में फिर से गुजरात की तर्ज पर सरकार बने (bjp mla demand ticket distribution in mp like gujarat). जिसके लिए कार्यकर्ताओं की मंशानुरूप यहां भी सत्ता एवं संगठन में पूरी तरह परिवर्तन किया जाए. प्रदेश में नए युग की शुरूआत हो ताकि जनता के बीच एन्टी इन्कबेंसी समाप्त हो (narayan tripathi said no anti incumbency in mp) व नए लोगो को भी अवसर दिया जाए. नई प्रक्रिया से सत्ता व संगठन का संचालन हो सके. जिसके फलस्वरूप प्रदेश में प्रचंड बहुमत से पार्टी की सरकार बने. नारायण त्रिपाठी ने लिखा कि फिर से निवेदन है कि मध्यप्रदेश में सत्ता एवं संगठन में पूरी तरह बदलाव के मेरे जैसे संपूर्ण कार्यकर्ताओं के आंकलन वाले विषय पर विचार करने की कृपा करें. ताकि यहां फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन सके व विकास एवं लोककल्याण की गति निर्बाध रूप से जारी रह सके.

पहले भी खोल चुके हैं मोर्चा

ओबीसी महासभा द्धारा रिजर्वेशन के मुद्दे को लेकर प्रदेशव्यापी बंद का मांग की थी. ओबीसी के बंद को सपोर्ट देने पहुंचे मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी अपनी ही सरकार पर आक्रमणकारी हुए थे, एक ओर सरकार पिछड़े वर्ग के विकास के लिए आयोग का आयोजन करती है तो वहीं दूसरी ओर उन्हें 27 फीसदी रिजर्वेशन देने में असफल होती है. नारायण त्रिपाठी ने अपनी ही पार्टी की सरकार पर कांग्रेस के दिवंगत नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की प्रतिमा का अपमान और उपेक्षा करने का आरोप लगाया था. त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को लेटर लिखकर प्रतिमा का अनावरण करने की मांग की थी.दल बदलू हैं नारायण त्रिपाठी: विंध्य की राजनीति और खास तौर से मैहर सीट से अपने पांव जमा चुके नारायण त्रिपाठी मौके को देखकर दल बदल लेते हैं, एक ही सीट से तीन अलग-अलग पार्टियों के बैनर पर चुनाव लड़कर जीतने का रिकॉर्ड नारायण त्रिपाठी के पास है. वे पहली बार 2003 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर सतना जिले की मैहर से चुने गए थे. वह अगला चुनाव हार गए, लेकिन 2013 में कांग्रेस के टिकट पर जीते और फिर 2018 में बीजेपी से टिकट मिला और जीते.

विधायक त्रिपाठी ने नगरीय निकायों पंचायत चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुष्प्रयोग का खुले तौर पर आरोप लगाया था और अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम किया था. आए दिन बढ़ती मंहगाई को लेकर भी त्रिपाठी ने अपनी ही सरकार को घेरा था.

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क्या हकीकत में नारायण त्रिपाठी है दल बदलू

विंध्य की राजनीति और आम तौर से मैहर सीट से अपने पैर जमा चुके नारायण त्रिपाठी अवसर को देखकर दल बदल लेते हैं, एक ही सीट से तीन अलग-अलग पार्टियों के बैनर पर चुनाव लड़कर जीतने का रिकॉर्ड नारायण त्रिपाठी के पास है. वे पहली बार 2003 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर सतना जिले की मैहर से चुने गए थे. वह अगला चुनाव हार गए, लेकिन 2013 में कांग्रेस के टिकट पर जीते और फिर 2018 में इन्हें बीजेपी से टिकट मिला और ये जीते भी.