हरियाणा सरकार कैंसर पीड़ितों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। राज्य सरकार ने त्रिपुरा की तरह स्टेज- 3 व 4 कैंसर पीड़ितों के लिए 2500 रुपए मासिक पेंशन शुरू करने का निर्णय लिया है। जिससे पीड़ितों को काफी रहत मिलेगी। लेकिन इस योजना से राज्य सरकार पर 68 करोड़ 42 लाख रुपए से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

दरअसल, सीएम खट्टर की सरकार ने स्टेज- 3 व 4 के कैंसर पीड़ितों के लिए 2500 रुपये मासिक पेंशन शुरू करने का निर्णय लिया है। यह योजना नए साल में शुरू होगी और योजना के लिए बजट में 68 करोड़ 42 लाख रुपये से अलग से प्रावधान किया जाएगा। इससे प्रदेश के हजारों कैंसर पीड़ितों को मदद मिलेगी।

वहीं देश में केवल त्रिपुरा ही एक ऐसा राज्य है जो स्टेज-3 के कैंसर पीड़ितों को 1000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता देता है लेकिन अब ऐसा करने वाला हरियाणा दूसरा राज्य होगा। इससे पहले भी हरियाणा सरकार ने राहत कोष से कैंसर पीड़ितों को दी जाने वाले 1 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया को सरल करते हुए जिला स्तर ही देने के आदेश दिए थे, जबकि पहले मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा स्वीकृत की जाती थी।

आयुष्मान योजना के तहत कैंसर का इलाज होगा मुफ्त

बीते महीनों सीएम मनोहर लाल खट्टर ने घोषणा करते हुए कहा था कि स्टेज 3 और 4 कैंसर, थैलेसीमिया व हीमोफीलिया से पीड़ित रोगियों को 2500 मासिक पेंशन दी जाएगी। वही अस्पताल में भर्ती होने वाले कैंसर पीड़ितों के लिए 5 लाख रुपए तक खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना के तहत कैंसर का इलाज मुफ्त किया जाएगा, जिसके तहत 5 लाख रुपये तक के इलाज का खर्च राज्य सरकार करेगी।

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इन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ

गौरतलब है कि इसका लाभ उन मरीजों को मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक है साथ ही लाभ देने के लिए परिवार पहचान पत्र में दर्शाई गई वार्षिक आय के तथ्यों से मिलान किया जाएगा। जिसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय की कमेटी द्वारा सत्यापित दस्तावेजों को सरल केंद्र के माध्यम से अपलोड करना होगा। आवेदक को राशन कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, टेलीफोन, पानी, बिजली या अन्य उपयोगिता वाले बिल, जिसमें घर का पता अंकित हो या भू-रिकॉर्ड के दस्तावेज, परिवार पहचान पत्र को सरल केंद्र में साथ लाना होगा। साथ ही आशा वर्कर, एएनएम मरीज के जीवित होने के प्रमाण पत्र को सत्यापित करेगी जिसे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रति हस्ताक्षर किया जाएगा। इसके बाद पेंशन शुरू हो जाएगी।