कहते है जब इंसान का हौसला बुलंद हो और इरादा मजबूत हो तो वो दुनिया की हर जंग जीत सकता है। प्रदेश की राजधानी भोपाल की बेटी दीक्षा ने भी कुछ ऐसा ही कर दिखाया। बिटिया दीक्षा सिंह गुरुंग ने डेंगू को मात देकर अंतरराष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर राज्य का नाम रौशन किया है। 10 साल की दीक्षा ने डेंगू से लड़ाई लड़ी और एक सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रही।

बता दें इस चैंपियनशिप की बीते छह माह से तैयारी कर रही दीक्षा के लिए यह किसी सदमे से कम नहीं था। लेकिन दीक्षा ने अपने मजबूत इरादों के साथ टूर्नामेंट के लिए रवाना होने से ठीक एक दिन पहले तक अपने स्वास्थ्य में सुधार करते हुए अस्पताल से छुट्टी करवाई और जयपुर के लिए टीम के साथ रवाना हो गई।

अंतर्राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में दीक्षा ने अपना हुनर दिखाते हुए न केवल कुमिते में स्वर्ण पदक झटका बल्कि शहर और प्रदेश का भी नाम भी रोशन किया। इस दौरान दीक्षा ने बताया कि उसे कमजोरी तो बहुत महसूस हो रही थी किन्तु कोच की बेहतर ट्रेनिंग की बदौलत उनकी राह आसान हो गई।

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दीक्षा द्वारा इसके पूर्व भी भोपाल में आयोजित जिला कराते स्पर्धा 2022 व पचमढ़ी में आयोजित राज्य स्तरीय कराते स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीता गया है। वहीं दीक्षा के पापा की मानें तो उसे डेंगू होने के बाद उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि वह इस चैम्पियनशिप में हिस्सा ले पाएंगी। किन्तु उनकी बेटी ने हौंसला नहीं खोया और चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।