ऐसी सूंड वाले बप्पा को लाए घर में, मिलेगी सुख-समृद्धि

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ganesh ji

गणेशोत्सव आने में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए है, हर घर में गणेश उत्सव की रौनक होगी। गणेश चतुर्थी आने से पहले ही इसकी रौनक शहर के बाजारों में दिखने लगी है। तरह-तरह के डिजाइन में गणेश की प्रतिमा आ गई है। लगभग हर किसी को गणेश जी की प्रतिमा घर लाने से पहले एक बार तो यह उलझान तो रहती ही हैं कि गणेश जी की मूर्ति कैसी लाना हैं। खास कर के प्रतिमा में गणेश जी की सूंड कैसी हो इस बात को तो हर कोई ही जानना चाहता हैं।

धर्म शास्त्रों में भगवान श्रीगणेश के अनेक नाम बताए गए हैं। उन्हीं में से एक नाम है वक्रतुंड, जिसका अर्थ है भगवान गणेश का वह स्वरूप जिसमें उनकी सूंड मुड़ी हुई होती है। श्रीगणेश के इस स्वरूप के भी कई भेद हैं। कुछ मुर्तियों में गणेश जी की सूंड को बाईं को घुमा हुआ दर्शाया जाता है तो कुछ में दाईं ओर।

वहीं कुछ विद्वानों ने भगवान श्रीगणेश की घुमी हुई सूंड के पीछे भी कई तर्क दिए हैं। कुछ विद्वानों का मानना है कि दाईं ओर घुमी सूंड के गणेश जी शुभ होते हैं तो कुछ का मानना है कि बाईं ओर घुमी हुई सूंड वाले गणेश जी शुभ फल प्रदान करते हैं। हालांकि कुछ विद्वान दोनों ही प्रकार की सूंड वाले गणेश जी का अलग-अलग महत्व बताते हैं।

कई अनुभवी ज्योतिषियों के अनुसार यदि गणेश जी की स्थापना घर में करनी हो तो दाईं ओर घुमी हुई सूंड वाले गणेशजी शुभ होते हैं। दाईं ओर घुमी हुई सूंड वाले गणेश जी सिद्धि विनायक कहलाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इनके दर्शन से हर कार्य सिद्ध हो जाता है। किसी भी विशेष कार्य के लिए कहीं जाते समय यदि इनके दर्शन करें तो वह कार्य सफल होता है व शुभ फल प्रदान करता है।इससे घर में पॉजीटिव एनर्जी रहती है व वास्तु दोषों का नाश होता है।

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